दुनिया की कोई ताकत कश्मीर समस्या का हल निकालने से नहीं रोक सकती : राजनाथ सिंह

रविवार, 21 जुलाई 2019 (08:17 IST)
कठुआ/ सांबा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीर मुद्दा हल हो जाएगा और धरती पर कोई भी ताकत इसे रोक नहीं सकती है। सिंह ने कहा कि कश्मीर उनके दिल में है और सरकार चाहती है कि यह न केवल भारत का स्वर्ग बल्कि दुनिया का पर्यटक स्वर्ग बन जाए।
 
इससे पूर्व रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के द्रास सेक्टर में एक स्मारक पर 1999 करगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश ‘ऑपरेशन विजय’ की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।
 
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र, राज्य या देश के विकास के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण अत्यावश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत हर मोर्चे पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले दशक या उसके बाद के कुछ वर्षों में यह अमेरिका, रूस या चीन के स्थान पर शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन जाएगा। उन्होंने कठुआ और सांबा जिले में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए दो पुलों का भी उद्घाटन किया।
 
कठुआ में उज्ह नदी के ऊपर बने पुल की लागत 50 करोड़ रुपए आई है। यह बीआरओ द्वारा अब तक बनाया गया सबसे लंबा पुल है। कठुआ में सिंह ने कहा कि कश्मीर की समस्या का हल होकर रहेगा, दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है। उन्होंने कहा कि यदि बातचीत के माध्यम से नहीं, तो हम जानते हैं कि कैसे।
 
सिंह ने कहा उन्होंने गृहमंत्री के रूप में कई बार अपील करते हुए ‘तथाकथित नेताओं’ से बातचीत के जरिए इस मुद्दे को हल करने के लिए कहा था। सिंह पिछली सरकार में केंद्रीय गृहमंत्री थे। उन्होंने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर का तीव्र विकास और समृद्धि चाहते हैं।
 
अलगाववादी नेताओं पर निशाना साधते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि जो लोग ‘आजादी आजादी’ (स्वतंत्रता) की रट लगा रहे हैं, वे कश्मीर के युवाओं को यह बताने में असफल रहे हैं कि वे किस प्रकार की आजादी चाहते हैं।
 
उन्होंने पूछा कि उनके सामने किस देश का उदाहरण है। क्या वे पाकिस्तान की तरह की आज़ादी की चाहेंगे?’’ उन्होंने कहा कि इस तरह की आजादी किसी को भी स्वीकार्य नहीं होगी।
 
सिंह ने कहा कि जम्मू और कश्मीर का देश के लिए एक विशेष महत्व है और मोदी सरकार इसे पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए काम कर रही है ताकि दुनियाभर के लोग यहां आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता सीमा और देश के ग्रामीण क्षेत्रों की ‘कनेक्टिविटी’ को तेजी से सुनिश्चित करना है।

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