Publish Date: Sun, 24 Dec 2017 (20:43 IST)
Updated Date: Sun, 24 Dec 2017 (21:30 IST)
नई दिल्ली। थलसेना ने रविवार को स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए इसके कर्मियों के शवों को विकृत नहीं किया गया और चोट के निशान छर्रे और गोली के चलते हैं।
पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिला में नियंत्रण रेखा पर थलसेना के एक गश्ती दल को शनिवार को निशाना बनाया जिसमें 1 मेजर और 3 सैनिक शहीद हो गए।
थलसेना सूत्रों ने बताया कि चोट के निशान दुश्मन की गोलीबारी से छर्रे और गोलियों के चलते हैं। मीडिया में आई खबरों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि शवों को विकृत नहीं किया गया है। (भाषा)