Publish Date: Sun, 28 Jul 2019 (12:14 IST)
Updated Date: Sun, 28 Jul 2019 (12:29 IST)
जम्मू। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के बिना किसी पूर्व सूचना के कश्मीर घाटी पहुंचने के बाद अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। कोई डोभाल के दौरे को अनुच्छेद 35ए से जोड़ रहा था तो किसी ने अनुमान लगाया था कि कश्मीर में कुछ बड़ा होने वाला है।
इन सभी खबरों के बीच अब खुलासा हुआ है कि घाटी में एक बड़े आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए एनएसए अजित डोभाल ने सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक की थी। इसी के साथ घाटी में सेना बढ़ाए जाने के निर्णय को आतंकी हमले की सूचना को देखते हुए मात्र सेना को मजबूत करना बताया गया है। बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में सेना आतंकियों के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दे सकती है।
दरअसल खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि कश्मीर घाटी में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों द्वारा एक बड़े आतंकवादी हमले की योजना बनाई जा रही है। खुफिया जानकारी को देखते हुए कश्मीर में अर्धसैनिक बलों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है।
बताया जाता है कि अजित डोभाल दो दिन के दौरे पर श्रीनगर पहुंचे थे। डोभाल ने सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक की थी। उन्होंने कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। डोभाल के इस दौरे को गोपनीय रखा गया था। खबरों के अनुसार श्रीनगर पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही अधिकारियों को एनएसए के पहुंचने की जानकारी दी गई थी।
राज्यपाल के सलाहकार के विजय कुमार, डीजीपी दिलबाग सिंह, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, आईजी एसपी पाणि से डोभाल ने मुलाकात की थी। खबरों के अनुसार कश्मीर दौरे पर पहुंचे एनएसए ने आईबी के बड़े अधिकारियों से भी मुलाकात की।