Publish Date: Fri, 25 Nov 2016 (20:02 IST)
Updated Date: Fri, 25 Nov 2016 (20:05 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 8 नवम्बर की आधी रात से 1000 और 500 रुपए के नोट कानूनी रूप से अमान्य करने के ऐलान के बाद केंद्र सरकार ने जिन जन-धन खातों को शून्य बैंलेंस के साथ बैंकों में शुरू करवाए थे, उन खातों में अब तक जमा राशि बढ़कर 64 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गई है। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
गंगवार ने बताया कि नोटबंदी की घोषणा के पश्चात अब तक जन-धन खातों में 64 हजार करोड़ 252 लाख रुपए जमा हो चुके है। गरीब लोगों के लिए खोले गए जन-धन बैंक खातों में जमा करने के मामले में उत्तरप्रदेश शीर्ष पर है, जहां 3.79 करोड़ खातों में 10 हजार 670 करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा रकम पश्चिम बंगाल और उसके बाद राजस्थान में खोले गए जन-धन खातों में रुपए जमा करवाए गए हैं। पश्चिम बंगाल में 2.44 करोड़ खातों में 7,826 करोड़ रुपए और राजस्थान में 1.89 करोड़ खातों में 5,345.57 करोड़ रुपए जमा कराए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ बिहार में 16 नवंबर तक 2.62 करोड़ जन-धन खातों में 4,912.79 करोड़ की राशि जमा हुई है।
लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि 16 नवंबर तक प्रधानमंत्री जन-धन योजना के कुल 25.58 करोड़ खातों में 64,252 करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। सरकार ने यह भी साफ किया कि किसी भी सरकारी बैंक ने अपने अधिकारियों को जन-धन खातों में अपनी ओर से कोई रकम जमा करने का आदेश नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि कुल 25.58 करोड़ जन-धन खातों में से 5.98 करोड़ यानी 23.02 पर्सेंट खाते जीरो बैलेंस वाले हैं।