Publish Date: Tue, 23 May 2017 (21:19 IST)
Updated Date: Tue, 23 May 2017 (21:22 IST)
नई दिल्ली। भारत के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग में किसी तरह की गिरावट को खारिज करते हुए विधि एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को कहा कि 2025 तक इस उद्योग में 25 से 30 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
प्रसाद ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय की तीन साल की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा कि देश का आईटी मंत्री होने के नाते मैं इस क्षेत्र में नौकरियों में कटौती की किसी भी बात को खारिज करता हूं। यह क्षेत्र मजबूत है, आगे बढ़ने को तैयार है और एक बार डिजिटल अर्थव्यवस्था का चलन बढ़ने पर यह और तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि भारतीय आईटी क्षेत्र ने पिछले तीन साल में छ: लाख नौकरियां दी हैं।
प्रसाद ने कहा कि आईटी कंपनियों में 40 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और 1.3 करोड़ को अप्रत्यक्ष तरीके से रोजगार मिला हुआ है। हम छोटे शहरों में बीपीओ ला रहे हैं। यह काफी रोमांचक स्थिति है। उद्योग आगे बढ़ रहा है और नास्कॉम का आकलन है कि इस क्षेत्र में अगले 4-5 साल में 20 से 25 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
नास्कॉम इंडिया लीडरशिप फोरम में मैकिंजी एंड कंपनी की रिपोर्ट का विश्लेषण करते हुए हेड हंटर्स इंडिया के संस्थापक चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक के लक्ष्मीकांत ने कहा था कि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अगले तीन साल तक सालाना आधार पर 1.75 से दो लाख नौकरियों की कटौती होगी।
एच-बी वीजा अंकुश के बारे में प्रसाद ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल की अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर अपनी चिंता से अवगत कराया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान वहां की सरकार के साथ यह मुद्दा उठाएंगे। (भाषा)