Publish Date: Sat, 10 Aug 2019 (23:35 IST)
Updated Date: Sun, 11 Aug 2019 (00:30 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता पर हमले तथा उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के मामले में शनिवार को अपना फैसला 13 अगस्त तक सुरक्षित रख लिया। जिला और सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने इस मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपना फैसला 13 अगस्त तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
पुलिस ने 3 अप्रैल 2018 को पीड़िता के पिता के विरुद्ध हथियार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई और सहयोगियों ने कथित रूप से पीड़िता के पिता की पिटाई की थी जिससे उनकी मौत हो गई।
पीड़िता के वकील ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने जान-बूझकर पीड़िता के पिता की हत्या के आरोप में सेंगर और उनके भाई अतुल सिंह सेंगर का नाम दर्ज नहीं किया है तथा जांच अधिकारी ने मामले की जांच सही तरीके से नहीं की है। इस मामले में सीबीआई ने सेंगर, उनके भाई और 3 पुलिस अधिकारियों सहित 10 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। (वार्ता)