Publish Date: Wed, 10 Oct 2018 (13:00 IST)
Updated Date: Wed, 10 Oct 2018 (13:12 IST)
नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि किसी के भी खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि आमतौर पर महिलाएं इस बारे में बोलने से डरती हैं। पूर्व संपादक एवं केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर उनके पत्रकार रहने के दौरान यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगे हैं।
मेनका गांधी ने मंगलवार को एक समाचार चैनल को यहां बताया कि ताकतवर पदों पर बैठे पुरुष अक्सर ऐसा करते हैं। यह बात मीडिया, राजनीति और यहां तक कि कंपनियों में वरिष्ठ अधिकारियों पर भी लागू होती है। उन्होंने कहा कि अब जब महिलाओं ने इस बारे में बोलना शुरू किया है तो उनके आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाएं इस बारे में बोलने से डरती हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग उनका मजाक बनाएंगे, उनके ही चरित्र पर उंगलियां उठाएंगे। लेकिन अब जब उन्होंने बोलना शुरू किया है तो हर एक आरोप के बारे में कार्रवाई की जानी चाहिए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मंगलवार को पूछा गया था कि क्या उनकी सरकार केंद्रीय मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी? तो उन्होंने सवाल को टाल दिया था।
देश में 'मी टू' अभियान तेज हो गया है, मनोरंजन और मीडिया जगत से जुड़ी कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न की आपबीती साझा की है। (भाषा)