Publish Date: Wed, 12 Oct 2016 (15:29 IST)
Updated Date: Wed, 12 Oct 2016 (18:01 IST)
मुंबई। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने आईआईटी में कहा कि गत दिनों हुए लक्षित हमले का श्रेय सेना के साथ ही देश की 125 करोड़ जनता को मिलना चाहिए।
पर्रिकर ने कहा हमने आतंकवादियों से निपटने के लिए सेना को खुली छूट दी है और 30 साल का गुस्सा 29 सितंबर को निकाल दिया। उन्होंने कहा कि हम श्रेय नहीं लेते, लेकिन फैसले तो सरकार ही लेती है। रक्षामंत्री ने कहा कि म्यांमार में लक्षित हमले के बाद हमें ताने मारे जाते थे कि उत्तर में तो कर दिया पश्चिम (कश्मीर सीमा) में करके बताओ, मगर जब कर दिया तो कुछ लोगों को यह भी नहीं पच रहा है।
यह भी बोले पर्रिकर...
- भारत की सेना पूरे सिद्धांतों और मूल्यों के साथ युध्द लड़ती है।
- हम दुश्मन देश की सेना से लड़ते हैं, वहाँ के लोगों से नहीं।
- इटली में भारतीय नौसेना का ज़ोरदार स्वागत इसीलिए हुआ था कि पहले विश्वयुद्ध के दौरान भारतीय सेना ने ब्रिटिश फौज के साथ लड़ते हुए इटली के जीते हुए शहरों में जानमाल का नुकसान नहीं पहुँचाया था।
- इस लक्ष्यभेदी हमले से भारत के लोगों के दिल में पिछले 30 सालों से मौजूद घुटन बाहर निकल गई
- हम लोग एक तरह की लाचारी महसूस करते थे कि हम पर लगातार हमले होते हैं पर हम केवल प्रमाण देते रहते हैं, कुछ कर नहीं पाते।
- इस हमले का पूरा श्रेय सेना को जाता है पर जिस सरकार नें निर्णय लिया उससे भी आप सेना को मुक्त हस्त देने और मजबूती से निर्णय लेने का श्रेय छीन नहीं सकते।
- देश की जनता बहुत समझदार है, वो किसी के बहकावे में आकर वोट नहीं देती।
- सैनिकों को पेंशन और पैसे देने के मामले में भी हमने अपने वादे पूरे किए हैं, कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं।