Publish Date: Sun, 21 Sep 2014 (15:28 IST)
Updated Date: Sun, 21 Sep 2014 (15:36 IST)
नई दिल्ली। भारत अमेरिकी पर्यटकों को आगमन पर वीजा सुविधा देने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। यह उन बड़ी घोषणाओं में से एक है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 26 सितंबर को शुरू होने वाले उच्चस्तरीय अमेरिकी दौरे के दौरान की जा सकती हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, आगमन पर वीजा के प्रस्ताव से जुड़ा कार्य पूरा करने के लिए गृहमंत्रालय अतिरिक्त समय में काम कर रहा है ताकि प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले समय रहते इसे अंतिम रूप दिया जा सके।
सूत्रों ने कहा कि गृहमंत्रालय पर्यटन मंत्रालय के साथ विमर्श करते हुए पर्यटक आगमन पर वीजा के मुद्दे पर काम कर रहा है। इसके तहत वीजा उन अमेरिकी नागरिकों को दिया जा सकता है, जिनका आवास या कोई पेशा भारत में नहीं है और उनका भारत के दौरे पर आने का एकमात्र उद्देश्य विश्राम, पर्यटन, दोस्तों और संबंधियों आदि से मिलने के लिए अनौपचारिक यात्रा करना हो।
नए प्रस्ताव के तहत, यहां रूकने की अवधि 30 दिन रहने की संभावना है। इस प्रस्ताव पर अभी काम किया जा रहा है।
प्रारंभिक तौर पर, पर्यटक आगमन पर वीजा की इस सुविधा की शुरुआत जनवरी 2010 में पांच देशों के नागरिकों के लिए की गई थी और अब यह सुविधा 11 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
इनमें फिनलैंड, जापान, लग्जमबर्ग, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, कंबोडिया, वियतनाम, फिलीपीन्स, लाओस, म्यांमा, इंडोनेशिया और दक्षिणी कोरिया शामिल है। हालांकि रणनीतिक सहयोगी होने के बावजूद भारत और अमेरिका के नागरिकों के लिए दोनों देशों में पर्यटक आगमन पर वीजा की कोई सुविधा नहीं है। कुछ आकलनों के अनुसार, फिलहाल प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख अमेरिकी पर्यटक आते हैं।
प्रधानमंत्री पांच दिन की अमेरिका यात्रा पर जाएंगे और इस दौरान वे न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे वाशिंगटन जाएंगे और वहां अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। ओबामा ने लगभग चार माह पहले जब लोकसभा चुनावों में मोदी को मिली जीत की बधाई देने के लिए फोन किया था, तभी उन्होंने उन्हें अमेरिका आने का निमंत्रण दिया था। (भाषा)