Publish Date: Mon, 31 Aug 2015 (12:34 IST)
Updated Date: Mon, 31 Aug 2015 (16:21 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आकाशवाणी द्वारा तैयार ‘रामचरितमानस’ के विशेष डिजीटल संस्करण को सोमवार को जारी किया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास की कृति की रिकार्डिंग आकाशवाणी द्वारा कई सालों में की गई है और उसका नियमित रूप से विशेषकर हिंदी अंचल में प्रसारण किया जाता रहा है। इस लोकार्पण के अवसर पर पीएम ने कहा कि रामचरित मानस के संदेश आज भी जीवित हैं।
इस अवसर पर मोदी ने कहा कि 22 साल की साधना के बाद रामचरित मानस का यह स्वरूप सामने आया है। मुझे बताया गया कि यह लगभग 900000 घंटों की रिकार्डिंग है तो बड़ा आश्चर्य हुआ। रामचरित मानस हमें मयार्दा और संस्कार की शिक्षा देती है। समाज, परिवार व्यवस्था का आदर्श उदाहरण है रामचरित मानस। मैं भोपाल आकाशवाणी को इसके लिए धन्यवाद देता हूं। भोपाल में कुछ दिनों बाद हिन्दी सम्मेलन भी होने वाला है। मेरी गुजारिश है कि मॉरीशस, त्रिनिदाद गए लोग रामचरित मानस साथ ले जाना नहीं भूले।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास की कृति की रिकॉर्डिंग आकाशवाणी द्वारा कई सालों में की गई है और उसका नियमित रूप से विशेषकर हिंदी अंचल में प्रसारण किया जाता रहा है।
भोपाल घराने के जाने माने गायकों ने रामचरित मानस की चौपाइयों एवं दोहे को आवाज दी है। आकाशवाणी भोपाल ने 1980 में तत्कालीन केंद्र निदेशक समर बहादुर सिंह के मार्गदर्शन में पहली बार 'रामचरितमानस' को स्वरबद्ध किया था और रिकॉर्ड किया था। 'रामचरितमानस' के डिजिटल संस्करण के शुरू होने के साथ ही प्रसारक महसूस करता है कि वह न केवल घरेलू श्रोता बल्कि विदेशों में अपने श्रोताओं तक पहुंचेगा।
बड़े पैमाने पर डिजटलीकरण की आकाशवाणी की कोशिश का हिस्सा है ताकि जनप्रसारक वैश्विक रुप से अपने श्रोताओं तक पहुंच सके। आकाशवाणी के कई चैनल मोबाइल एप पर उपलब्ध हैं और प्रसारक इंटरनेट पर भी अपनी अधिक उपस्थिति बना रहा है।