Publish Date: Sun, 22 Jul 2018 (16:58 IST)
Updated Date: Sun, 22 Jul 2018 (17:49 IST)
नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (एनसीईआरटी) ने अपनी पाठ्यपुस्तकों में क्यूआर कोड के इस्तेमाल की प्रक्रिया आरंभ की है। इस कदम से छात्रों को पाठ्यपुस्तक के अध्यायों की अतिरिक्त सामग्री लैपटॉप या डिजिटल बोर्ड पर पढ़ने में मदद मिलेगी।
क्विक रिस्पांस (क्यूआर) कोड मशीन से पठनीय काले और सफेद चौकोर से बना विशेष प्रकार का कोड होता है। स्मार्टफोन के कैमरे द्वारा इसमें स्टोर की गई वेब लिंक या अन्य सूचना को पढ़ा जा सकता है। एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ई-सामग्री, नक्शे, पॉवर प्वॉइंट प्रजेंटेशन, एनिमेशन और वीडियो सहित संबंधित सहयोगी पाठ्य सामग्री के पहचान की प्रक्रिया हम शुरू कर चुके हैं।
अधिकारी ने बताया कि कक्षा 1 से 12वीं तक की सभी पाठ्यपुस्तकों की सामग्री को क्यूआर कोड से लिंक किया जाएगा। यह इन किताबों पर छपा होगा। उन्होंने बताया कि 2019 के शैक्षणिक सत्र से इस कोड को लागू करने की उम्मीद है। (भाषा)