Publish Date: Sat, 14 Sep 2019 (09:22 IST)
Updated Date: Sat, 14 Sep 2019 (09:27 IST)
नई दिल्ली। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मेरीटाइम कनेक्टिविटी सर्विसेज और सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (CEIR) के माध्यम से चोरी चले गए या गुम गए मोबाइलों की तलाश के लिए एक पोर्टल का उद्घाटन किया। इस तरह की व्यवस्था की गई है कि चोरी के फोन पर अब नेटवर्क नहीं मिलेगा, इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा और यह फोन डिब्बा हो जाएंगे।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह परियोजना महाराष्ट्र में शुरू की गई है। चोरी हुए मोबाइल सेट का पता लगाने के लिए सेंट्रल आइडेंटिटी रजिस्टर तैयार किया गया है। इसमें आईएमआई नंबर से गुम या चोरी हुए मोबाइल को ट्रैक किया जाता है।
परियोजना के प्रमुख उद्देश्यों में मोबाइल नेटवर्क पर खोए/ चोरी हुए मोबाइल फोन को रोकना और डुप्लीकेट IMEI के साथ मोबाइल उपकरणों की रोकथाम और नकली मोबाइल उपकरणों के उपयोग पर रोक लगाना शामिल है।
उन्होंने कहा कि उपग्रह प्रौद्योगिकी के उपयोग से भारत में नौकायन जहाजों, क्रूज लाइनरों और जहाजों पर यात्रा करने वालों के लिए समुद्री कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी और वाइस, डेटा और वीडियो सर्विसेज उपलब्ध कराई जाएगी।
अगले साल की शुरुआत में स्पेक्ट्रम की नीलामी बेहद पारदर्शी तरीके से होगी। इस दृष्टि से सुरक्षा और कनेक्टिविटी संबंधित 2 महत्वपूर्ण सेवाओं का लोकार्पण किया गया।