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PM मोदी के जन्मदिन पर 87 हजार से अधिक लोगों ने रक्तदान कर बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

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शनिवार, 17 सितम्बर 2022 (23:15 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शनिवार को 15 दिवसीय रक्तदान अभियान शुरू हुआ और पहले दिन 87137 लोगों ने रक्तदान किया जो विश्व रिकॉर्ड है।

मांडविया ने यहां सफदरजंग अस्पताल में बने एक शिविर में रक्तदान किया और उन्होंने लोगों से ‘रक्तदान अमृत महोत्सव’ पर रक्तदान करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप या ई-रक्तकोष पोर्टल पर पंजीकरण कराने का अनुरोध किया। यह महोत्सव एक अक्टूबर-राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस तक मनाया जाएगा।

मांडविया ने ट्वीट किया, आज नया विश्व रिकॉर्ड बना। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर रक्तदान अमृत महोत्सव पर 87 हजार से अधिक लोगों ने अब तक स्वेच्छा से रक्तदान किया है, जो एक नया विश्व रिकॉर्ड है। यह हमारे प्रिय प्रधानसेवक को देश की तरफ से अनमोल उपहार है।

अधिकारियों ने कहा कि पहले दिन रक्तदान करने वालों की गणना अभी चल रही है। इससे पहले के रिकॉर्ड रक्तदान शिविर में 87,059 लोग शामिल हुए थे और इसे अखिल भारतीय तेरापंथ युवा परिषद (भारत) ने छह सितंबर 2014 को भारत के 300 शहरों में आयोजित किया था।

एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक देशभर में 6,136 शिविरों की अनुमति दी गई है और 1,95,925 लोगों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि अभी तक 87,059 लोगों ने रक्तदान किया है।

मांडविया ने कहा, रक्तदान एक महान काम है और हमारी समृद्ध संस्कृति तथा सेवा और सहयोग की परंपरा को देखते हुए मैं, सभी नागरिकों से आगे आने तथा देशभर में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान अभियान- रक्तदान अमृत महोत्सव के तौर पर रक्त दान करने की अपील करता हूं। रक्तदान से न केवल राष्ट्रीय आवश्यकता पूरी होती है बल्कि यह समाज एवं मानवता के प्रति एक बड़ी सेवा भी है।

उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व पर जोर देते हुए कहा, रक्तदान अमृत महोत्सव, आजादी का अमृत महोत्सव के जश्न समारोहों का हिस्सा है। मांडविया ने कहा कि भारत में 2021 के आंकड़ों के मुताबिक सालाना करीब 1.5 करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा कि हर दो सेकंड में भारत में एक मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है और प्रत्‍येक तीन में से एक व्यक्ति को अपने जीवन में कभी न कभी रक्त की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने कहा, प्रौद्योगिकी तरक्की के बावजूद रक्त का कोई विकल्प नहीं है और एक यूनिट रक्त तीन जिंदगियां बचा सकता है।

उन्होंने शिविर में दानदाताओं से मुलाकात की और उनके प्रयासों की सराहना की। रक्तदान को लेकर भ्रांति दूर करते हुए उन्होंने कहा, एक व्यक्ति के शरीर में पांच से छह लीटर खून होता है और वह हर 90 दिन में रक्तदान कर सकता है।

एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार, इस अभियान का मकसद एक दिन में एक लाख यूनिट रक्त एकत्रित करना है। इसके अलावा लोगों को नियमित रक्तदान करने के प्रति जागरूक किया जाएगा। रक्त की एक यूनिट का मतलब 350 मिलीलीटर रक्त होता है।

केंद्र, राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेशों के सभी मंत्रालय और विभाग, गैर-सरकारी तथा सामुदायिक संगठन और अन्य पक्षकार इस अभियान में हिस्सा लेंगे। मांडविया ने इस मौके पर स्वास्थ्य देखभाल की ओर सफदरजंग अस्पताल के योगदान का उल्लेख करने वाली किताब ‘फुटप्रिंट्स ऑफ द सैंड्स ऑफ टाइम’ का भी विमोचन किया।(भाषा)

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