Publish Date: Sun, 31 May 2015 (08:03 IST)
Updated Date: Sun, 31 May 2015 (08:17 IST)
होशंगाबाद। एक, दो और पांच के नोट के बाद अब एक हजार के नोट भी देसी कागज पर ही प्रिंट होंगे।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने होशंगाबाद में 495 करोड़ रुपए की लागत वाली नोट पेपर फैक्ट्री का उद्घाटन किया, जहां एक हजार रुपए के करंसी नोट के लिए पेपर तैयार होना शुरू हो गया है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ने छपाई के लिए 1000 रुपए का बैंक नोट पेपर, करंसी नोट प्रेस नासिक को रवाना किया। इस फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता 6000 टन है।
नई पेपर फैक्ट्री सिक्यॉरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लि.(एसपीएमसीआईएल) द्वारा शुरू किए बैंक नोट पेपर के देशीकरण का एक हिस्सा है।
इसके अलावा सिक्यॉरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने बैंक नोट पेपर मिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर एक संयुक्त उपक्रम के तहत मैसूर में 12 हजार टन की क्षमता वाली पेपर मशीन की दो अतिरिक्त फैक्ट्रियां लगाई गई हैं, जिनमें व्यावसायिक उत्पादन इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगा।
इस प्रकार नोटों के लिए देसी कागज की छपाई की कुल क्षमता 18 हजार टन हो जाएगी। न्यू बैंक नोट पेपर लाइन का शिलान्यास दिसंबर 2011 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने किया था तथा इसके तैयार होने तक पूरी परियोजना पर 495 करोड़ रुपए का खर्च आया है।