Publish Date: Fri, 03 Jul 2020 (13:44 IST)
Updated Date: Fri, 03 Jul 2020 (13:49 IST)
नई दिल्ली। पिछले दिनों भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद शुक्रवार को अचानक लद्दाख पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के कदम से चीन बुरी तरह बौखला गया है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने पीएम की विदेश यात्रा पर बयान जारी कर कहा कि हालात बिगाड़ने वाला कोई भी कदम नहीं उठाना जाना चाहिए। झाओ ने कहा कि तनाव घटाने के लिए सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है। अत: किसी और पक्ष को इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि मोदी सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ सुबह करीब साढ़े नौ बजे लेह पहुंचे, जहां निमू में उन्होंने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों से बातचीत की। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को सीमा की स्थिति के बारे में अवगत कराया।
सिंधु नदी के तट पर 11,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित निमू सबसे दुर्गम स्थानों में से एक है। यह जंस्कार पर्वत श्रृंखला से घिरा हुआ है। आपको बता दें कि मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में कहा था कि भारत ने लद्दाख में अपनी भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब दिया है।