Publish Date: Thu, 24 Aug 2017 (18:01 IST)
Updated Date: Thu, 24 Aug 2017 (18:03 IST)
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के निजता को सर्वसम्मति से मौलिक आधार बताने के फैसले के तुरंत बाद केंद्र के शीर्ष मंत्रियों में विचार-विमर्श का सिलसिला शुरू हो गया है। मंत्री इस बात पर विचार- विमर्श कर रहे हैं कि इस फैसले का प्रभाव क्या होगा। विशेष रूप से दुनिया के सबसे बड़े बायोमीट्रिक पहचान कार्ड कार्यक्रम आधार पर इसका क्या असर होगा।
विधि और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद तथा प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने इसके संभावितों प्रभावों पर वित्तमंत्री अरुण जेटली से विचार-विमर्श किया। हालांकि इनमें से किसी ने कोई टिप्पणी नहीं की। अधिकारियों ने कहा कि सरकार इस पर सोच-विचार के प्रतिक्रिया देगी।
उच्चतम न्यायालय की नौ सदस्यीय पीठ के फैसले के तुरंत बाद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडे प्रसाद से मिलने पहुंचे। उसके बाद प्रसाद वित्त मंत्री जेटली से मिलने गए। पांडे ने भी इस फैसले पर किसी तरह की टिप्पणी से इनकार किया। हालांकि, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह फैसला सरकार के विचारों के अनुरूप है। हालांकि, उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया। (भाषा)