'कश्मीर' पर राहुल की राज्यपाल से ठनी, फिर मांगी लोगों से मिलने की इजाजत

बुधवार, 14 अगस्त 2019 (11:52 IST)
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एक बार फिर जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से कश्मीर के लोगों से मिलने की इजाजत मांगी।

इससे पहले जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य का दौरा करने के लिए पूर्व शर्तें लगाने को लेकर मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना की और आरोप लगाया कि गांधी विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल लाने की बात कर अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
 
राहुल ने मंगलवार को भी ट्वीट कर राज्यपाल के विमान भेजकर राज्य की स्थिति का मुआयना करने के आमंत्रण को ठुकराते हुए कहा था कि उन्हें विमान नहीं चाहिए बल्कि वह सिर्फ यह चाहते हैं कि उन्हें राज्य के लोगों से मिलने की इजाजत मिले।
 
राहुल गांधी ने कहा है कि वह विपक्ष के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख के लोगों और वहां के प्रमुख नेताओं से मिलना चाहते हैं इसलिए राज्यपाल यह सुनश्चित करें के उन्हें स्वतंत्ररूप से वहां के लोगों के साथ बात करने का मौका मिले।
 
गौरतलब है कि राहुल ने शनिवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में शामिल होने के बाद पत्रकारों से कहा था कि जम्मू कश्मीर में हालात बहुत खराब होने की रिपोर्ट हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां की वास्तविक स्थिति देश को बतानी चाहिए।
 
इस पर राज्यपाल मलिक ने सोमवार को गांधी की इस टिप्पणी पर तीखा प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गांधी सिर्फ बयानबाजी नहीं करें बल्कि जम्मू कश्मीर आकर स्थिति को देंखे। कश्मीर घाटी के उनके दौरे के लिए विमान की व्यवस्था की जाएगी।
 
राहुल गांधी ने ट्वीट कर मंगलवार को मलिक को जवाब दिया और कहा कि प्रिय राज्यपाल मलिकजी, मैं और विपक्ष के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आपके निमंत्रण पर जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख आना चाहेगा। हमको आपका विमान नहीं चाहिए बल्कि यह सुनिश्चित करें कि हम स्वतंत्र रूप से घूम सकें और वहां के लोगों, मुख्यधारा के नेताओं तथा वहां की सुरक्षा में तैनात हमारे जवानों से हम मिल सकें।
 
इस बीच जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुनीर खान ने कहा कि जम्मू में लगाए गए प्रतिबंध पूरी तरह से हटा लिए गए हैं जबकि कश्मीर में कुछ समय तक यह जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है, किसी को गंभीर चोटें नहीं आई हैं।

वेबदुनिया पर पढ़ें

अगला लेख बलूचिस्तान नहीं है पाकिस्तानी का हिस्सा, जानिए पाक कब्जे की कहानी