Publish Date: Fri, 27 Apr 2018 (07:35 IST)
Updated Date: Fri, 27 Apr 2018 (07:46 IST)
बेंगलुरू। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में गुरुवार को एक तकनीकी गड़बड़ी आ गई, जिसके बाद उसे उत्तरी कर्नाटक के हुबली हवाईअड्डा पर उतारना पड़ा। पार्टी ने इसे साजिश बताते हुए मामले की जांच की मांग की है।
राहुल के करीबी सहयोगी कौशल विद्यार्थी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि एन राजू को लिखे एक पत्र में कहा कि राहुल जिस विमान में सवार थे, वह एकाएक बाईं तरफ झुक गया और विमान तेजी से नीचे चला गया तथा उसमें काफी कंपन हुई। यह घटना सुबह दस बजकर 45 मिनट पर हुई। पत्र में यात्रियों के हवाले से लिखा गया है कि मौसम सामान्य था और तेज हवा भी नहीं चल रही थी।
इसमें कहा गया, 'विमान के संदिग्ध एवं ठीक से काम नहीं करने से साफ है कि उसमें कंपन होना और उसका नीचे चले जाना स्वभाविक या मौसम संबंधित नहीं था, बल्कि ऐसा किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ।'
पत्र के अनुसार, 'विमान के साथ जानबूझकर की गई छेड़छाड़ से जुड़े गंभीर सवालों को दरकिनार नहीं किया जा सकता और उन पर ध्यान देने तथा उसकी जांच करने का अनुरोध किया जाता है।'
गौरतलब है कि राहुल उत्तर कन्नड़, दक्षिण कन्नड़, कोगादू और मैसुरू जिलों में पार्टी के उम्मीदवारों का प्रचार के लिए दो दिन की यात्रा पर कर्नाटक गए हैं।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'राहुल गांधी सुरक्षित लैंड कर गए। आज एक गंभीर हादसा होते - होते रह गया।' उन्होंने कहा कि कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक को सौंपी गई शिकायत में उनसे इस गंभीर, भयावह घटना के सभी पहलुओं की और अगर कोई साजिश थी तो उसकी भी जांच करने को कहा गया है।
सुरजेवाला ने कहा कि यह अभूतपूर्व है कि विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की सुरक्षा से लैस किसी व्यक्ति के विमान में गड़बड़ी हुई। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान राहुल शांतचित्त रहे और सहयात्रियों को शांत करने की कोशिश की।
हुबली-धारवाड़ की पुलिस उपायुक्त रेणुका सुकुमार ने कहा कि हमें विमान में अस्पष्ट गड़बड़ी की शिकायत मिली है। हमने आईपीसी की धारा 287 (मशीनरी के संबंध में लापरवाही) और 336 (दूसरों के जीवन या व्यक्ति की सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) के तहत शिकायत दर्ज कर ली है।
रेणुका ने बताया कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) के महासचिव शकीर सनादी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में विमान के दो पायलटों के नाम शामिल हैं। पत्र में कहा गया कि यह पता चला है कि विमान का ऑटोपायलट काम नहीं कर रहा था।
पत्र के अनुसार विमान तीसरी कोशिश के बाद दिन में करीब 11 बजकर 25 मिनट पर हुबी हवाईअड्डे पर उतरा। इसमें कहा गया कि विमान का चालक दल भी डरा हुआ था और उसने माना कि स्थिति भयावह एवं असामान्य थी।
डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'ऑपरेटर ने हमें (डीजीसीए) घटना की जानकारी दी। ऑपरेटर की रिपोर्ट के अनुसार ऑटो पायलट (मोड) में कोई गड़बड़ी थी और पायलट ने उसे मैनुअल (मोड) में डाला एवं विमान को सुरक्षित उतारा।'
उन्होंने कहा, 'ऑटो पायलट (मोड) बंद करना असामान्य नहीं है। किसी भी अतिविशिष्ट व्यक्ति की उड़ान के लिए डीजीसीए विस्तार से इसकी जांच करता है। हम यहां भी ऐसा ही करेंगे।' (भाषा)
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Publish Date: Fri, 27 Apr 2018 (07:35 IST)
Updated Date: Fri, 27 Apr 2018 (07:46 IST)