Publish Date: Mon, 27 Jul 2015 (19:55 IST)
Updated Date: Mon, 27 Jul 2015 (19:57 IST)
नीमच। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह पंजाब में के गुरदासपुर हुई आतंकी घटना को दुर्भागय पूर्ण बताते हुए पाकिस्तान पर जमकर बरसे और कहा कि हमारे बार-बार दोस्ती का हाथ बढ़ाने के बावजूद आतंकवादी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं, ऐसे में हम राष्ट्रीय स्वाभिमान की कीमत पर दोस्ती नहीं करेंगे।
सिंह यहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 76वें स्थापना दिवस समारोह को संबोघित कर रहे थे। इससे पूर्व वे दिल्ली से विमान से भोपाल पहुंचे और बाद में भोपाल से नीमच उनके साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी थे।
नीमच पहुंचकर सबसे पहले वे शहीद पार्क गए ओर शहीदों को श्रद्धांजलि दी ओर फिर सीआरपीएफ परेड ग्राउंड पहुंचे जहां 76वें स्थापना दिवस के मौके पर परेड की सलामी ली, इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने दो टूक कहा कि पंजाब में हुई आतंकी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
वे पाकिस्तान पर जमकर बरसे और कहा कि हमारे बार-बार दोस्ती का हाथ बढ़ाने के बावजूद आतंकवादी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं, हम राष्ट्रीय स्वभिमान की कीमत पर दोस्ती नहीं करेंगे, यदि हमारी तरफ गोली चली तो हम मुंहतोड़ जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ आए, हमारे दोस्ती का हाथ बढ़ाने के बावजूद आतंकी घटनाएं रुक नहीं रहीं।
केंद्रीय गृहमंत्री ने सीआरपीएफ जवानों का जमकर होसला बढ़ाया और कहा कि सीआरपीएफ ने जन-जन के मन में भरोसा और विश्वास कायम किया है। दंगा-फसाद, चुनाव, प्राकृतिक आपदा, संसद पर हमला, हर मामले में सीआरपीएफ का योगदान अभूतपूर्व है। उन्होंने बल के आधुनिकीकरण भी महत्वपूर्ण बताया
इस अवसर पर सहायक कमांडेंट सोनू कुमार दास को मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया जो उनकी पत्नी उर्मि दास ने ग्रहण किया। वहीं सरदार पोस्ट पर 1965 में पाकिस्तानी फौजो से लोहा लेने वाले सीआरपीएफ जवानो की टोली के अंतिम जीवित व्यक्ति सब इंस्पेक्टर भवानी प्रशाद शर्मा को भी सम्मानित किया गया इस मोके पर सीआरपीएफ के जवानो और महिला बटालियन ने हैरत अंगेज करतब भी दिखाए।
बाद में राजनाथ सिंह ने मी डिया से बात करते हुए कहा कि गुरदासपुर पंजाब की घटना पर वे रविवार को संसद मे बयान देंगे। जब उनसे इंटिलीजेंस के फैल होने की बात पूछी तो उन्होंने कहा कि यह समय विश्लेषण के लिए उचित नहीं है। (वार्ता)