Publish Date: Thu, 18 Jul 2019 (17:23 IST)
Updated Date: Thu, 18 Jul 2019 (17:26 IST)
नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में स्वीकार किया रोजगार से जुड़ा आंकड़ा लीक हुआ था और इस मामले की जांच जारी है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन और योजना राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने प्रश्नकाल के दौरान सदन में एक पूरक प्रश्न में उत्तर में कहा कि रोजगार से जुड़ा आंकड़ा लीक हुआ था। सरकार इस आंकड़े को मई 2019 में जारी करने वाली थी लेकिन वह पहले ही लीक हो गया था। इस मामले की जांच अभी जारी है।
उन्होंने विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के जरिए मिले रोजगार के आंकड़े देते हुए कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर सरकार गंभीर है और इसलिए कौशल एवं रोजगार पर मंत्रिमंडलीय समिति बनाई गई है। 31 मई 2019 को नई पद्धति पर रोजगार के आंकड़े जारी किए गए थे और अब अगले वर्ष जब आंकड़े जारी किए जाएंगे तब इसका तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि 31 मई को जारी आंकड़ों के देश में बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशत रही है और यदि अगले वर्ष इसमें बढ़ोतरी होगी तभी इसमें वृद्धि माना जाएगा।
8 हजार से अधिक भारतीय विदेशी जेलों में : सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि विभिन्न देशों की जेलों में 8189 भारतीय कैदी के रूप में बंद हैं। विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने सदन में बताया कि सरकार के पास जानकारी के अनुसार 31 मई तक विदेशों में 8189 भारतीय कैदी थे। उन्होंने बताया कि कई देशों में निजता कानून कड़े हैं और वे कैदियों के संबंध में जानकारी नहीं देते। कई देश कैदी की जानकारी सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर सूचना देते हैं।
उन्होंने बताया कि संबंधित देश में भारतीय दूतावास एवं मिशन भारतीयों के संबंध में सतर्क रहते हैं और उनके बारे में बारीकी से निगाह रखते हैं। इसके अलावा जिन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, वहां वकीलों का एक पैनल भी रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से विदेशों में कुल 3,087 भारतीयों को क्षमादान दिया गया है या उनकी सजा बदलकर कम की गई है। सऊदी अरब में 1,181, संयुक्त अरब अमीरात में 1,392, कुवैत में 511, मलेशिया में 576 और नेपाल में 1,160 भारतीय नागरिक जेलों में बंद है। (वार्ता)