Publish Date: Thu, 15 Oct 2015 (20:53 IST)
Updated Date: Thu, 15 Oct 2015 (20:57 IST)
नई दिल्ली। दादरी घटना के मद्देनजर अपना पुरस्कार लौटाने वाले लेखकों से सवाल करते हुए भाजपा ने आज पूछा कि उन्होंने पूर्व में हुए दंगों और हत्याओं का इसी तरह से विरोध क्यों नहीं किया। साथ ही आरोप लगाया कि अपने आकाओं के पराजित होने के बाद वे नये तरह की राजनीति कर रहे हैं।
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अपने आकाओं की हार के बाद अपने पुरस्कार लौटा कर ये लेखक एक नई तरह की राजनीति कर रहे हैं और यह कांग्रेस प्रायोजित लग रही है। कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा इस बारे में बोल कर इस बात को साफ कर देते हैं।
उन्होंने कहा, 'ये सारे लेखक हमारे लिए सम्मानित हैं लेकिन वे सब नरेंद्र मोदी से नफरत करते रहे हैं। कुछ को छोड़कर उनके पिछले 10 साल के इतिहास को देख लें। उनके आका आज हार चुके हैं, लिहाजा वे नई राजनीति कर रहे हैं।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रसाद ने कहा कि आनंद शर्मा इस बात का जवाब देंगे कि जब बंगाल में तसलीमा नसरीन से जुड़ी घटना सामने आई तब ये लेखक कहां थे। जब देश में आनंद शर्मा की पार्टी ने आपातकाल लगाया तब कुलदीप नैय्यर और राम नाथ गोयनका के अलावा ये लेखक कहां थे।
उन्होंने कहा कि ये लेखक कहां थे तब कश्मीरी पंडित महिलाओं के खिलाफ अत्याचार हो रहा था और सलमान रश्दी की पुस्तक पर प्रतिबंध लगा था। आनंद शर्मा को इस बात का जवाब देना चाहिए कि जब बंगाल में तसलीमा नसरीन की घटना हुई तब वे कहां थे।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हार गई है, वामदल हार रहे हैं, इसलिए वे दूसरे राजनीतिक विकल्प अपना रहे हैं। (भाषा)