Publish Date: Tue, 27 Nov 2018 (20:22 IST)
Updated Date: Tue, 27 Nov 2018 (20:35 IST)
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने मंगलवार को एक संसदीय समिति से कहा कि नोटबंदी बहुत अच्छा निर्णय था और जहां तक जोखिम में फंसे ऋण का मामला है तो अब गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में धीरे-धीरे कम हो रहा है।
सूत्रों ने कहा कि केन्द्रीय बैंक प्रमुख ने नोटबंदी के सरकार के निर्णय का समर्थन किया और कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) नकद अनुपात के मुद्दे का समाधान किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोईली की अध्यक्षता वाली वित्तीय स्थायी संसदीय समिति के समक्ष पटेल ने बैंकों के एनपीए के समाधान और रिजर्व बैंक के सुधार के बारे में केन्द्रीय बैंक का पक्ष रखा है। इस समिति के सदस्यों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हैं। इसमें भारतीय जनता पार्टी के निशिकांत दूबे और रत्नलाल कटारिया, बीजू जनता दल के बी मेताब और कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हैं।
केन्द्र सरकार और केन्द्रीय बैंक के बीच तनाव की खबरें आने के कुछ दिनों बाद पटेल इस समिति के समक्ष उपस्थति हुए हैं। सूत्रों के अनुसार पटेल ने कहा कि मोदी सरकार की वित्तीय नीतियों और केन्द्रीय बैंक के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। पटेल नाटेबंदी के बाद इस मुद्दे पर तीसरी बार समिति के समक्ष पेश हुए हैं। (वार्ता)