Publish Date: Thu, 19 Nov 2015 (19:59 IST)
Updated Date: Thu, 19 Nov 2015 (22:42 IST)
नई दिल्ली। न्यायमूर्ति ए के माथुर की अध्यक्षता में गठित सातवें वेतन आयोग ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंप दी, जिसमें केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में औसतन 16 प्रतिशत, भत्तों में 63 प्रतिशत और पेंशन में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है।
रिपोर्ट में न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए प्रति माह जबकि एपैक्स पदों के अधिकारियों का वेतन प्रति माह दो लाख 25 हजार रुपए तथा कैबिनेट सचिव और उनके समकक्ष अधिकारियों का वेतन दो लाख 50 हजार रुपए प्रति माह करने की सिफारिश की गई है।
वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद वित्त वर्ष 2016-17 में सरकारी खजाने पर एक लाख 2100 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह कुल सकल घरेलू उत्पाद व्यय का 0.65 प्रतिशत होगा। जानिए क्या है इसकी खास बातें...
* भत्तों में 63 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश।
* यह रिपोर्ट 900 पन्नों की है।
* 1 जनवरी 2016 से लागू होंगी सिफारिशें
* यह कुल सकल घरेलू उत्पाद व्यय का 0.65 प्रतिशत होगा।
* मूल वेतन में 16 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश
* पेंशन में 24 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश
* न्यूनतन वेतन 18 हजार रुपए हो जाएगा।
* ग्रैच्युटी की सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए
* ग्रैच्युटी की सीमा में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी
* महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक बढ़ेगा
* कैबिनेट सचिव को ढाई लाख रुपए प्रति माह का वेतन मिलेगा जो इस समय 90,000 रुपए हैं।
* सिफारिशें जस की तस लागू करने पर 1.02 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ आएगा जिसमें 73,650 करोड़ रुपए केन्द्रीय बजट और 28,450 करोड़ रुपए रेल बजट में डालना होगा।
* सैन्य सेवाओं के विभिन्न पहलुओं के मद्देनजर क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाने वाली मिलिट्री सर्विस पे (एमएसपी) केवल रक्षा बलों के कर्मचारियों के लिए।
* सैन्य अधिकारियों के लिए एमएसपी 6,000 रुपए से बढ़ाकर 15,500 रुपए प्रति माह करने की सिफारिश।
* नर्सिंग सेवा के अधिकारियों के लिए एमएसपी 4,200 रुपए से बढ़ाकर 10,800 रुपए, जेसीओ.ओआर के लिए 2,000 रुपए से बढ़ाकर 5,200 रुपए करने की सिफारिश।
* युद्ध क्षेत्र के इतर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एमएसपी 1,000 रुपए से बढ़ाकर 3,600 रुपए प्रति माह करने की सिफारिश।
* शार्ट सर्विस कमीशंड के अधिकारियों को 7 से 10 साल के बीच नौकरी छोड़ने की अनुमति होगी।
* आयोग ने 52 तरह के भत्तों को खत्म करने, अन्य 36 को मौजूदा भत्तों में समाहित करने की सिफारिश की।