Publish Date: Mon, 27 Feb 2017 (17:29 IST)
Updated Date: Mon, 27 Feb 2017 (17:33 IST)
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने सोमवार को कहा कि वित्त मंत्रालय ने देश में शरिया बैंकिंग शुरू करने को लेकर केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट पर जो प्रतिक्रिया दी है उसका खुलासा नहीं किया जा सकता।
आरटीआई आवेदन के माध्यम से रिजर्व बैंक से इस्लामिक बैंकिंग पर अंतर विभागीय समूह (आईडीजी) की सिफारिशों पर मंत्रालय द्वारा उसे भेजे गए पत्र की प्रति मांगी गई थीं। केंद्रीय बैंक ने वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग से पूछा था कि क्या इस पत्र का खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत किया जा सकता है।
इस बारे में आरटीआई कानून के तहत मांगी गई जानकारी पर रिजर्व बैंक ने कहा कि वित्तीय सेवा विभाग ने सलाह दी है कि इस पत्र को साझा नहीं करने की जरूरत है और कानून की धारा 8 (1) (सी) के तहत इसकी छूट है।
यह धारा ऐसी सूचना दिए जाने पर रोक लगाती है जिससे संसद और राज्य विधानसभाओं के विशेषाधिकार का हनन हो सकता है। इस्लामिक और शरिया बैंकिंग ऐसी वित्तीय प्रणाली है जो ब्याज नहीं लेने के सिद्धांत पर आधारित है। इस्लाम में इस पर प्रतिबंध है। (भाषा)