Publish Date: Mon, 09 Dec 2019 (14:47 IST)
Updated Date: Mon, 09 Dec 2019 (14:50 IST)
नई दिल्ली। सरकार जल्द ही नौकरीपेशा वर्ग को खुशखबरी दे सकती है। यदि सोशल सिक्योरिटी बिल 2019 संसद में पारित हो जाता है कि सैलरी बढ़कर मिलेगी। जल्द ही यह बिल संसद में लाया जा सकता है।
सरकार ने हाल ही इस सिलसिले में एक फैसला लिया है, जिसके तहत नौकरीपेशा वर्ग के लोगों को पीएफ (PF) में योगदान कम करने का विकल्प दे सकती है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को सैलरी हाथ में (in-hand salary) ज्यादा आएगी। इस स्थिति में कर्मचारी अपने मनमुताबिक पीएफ की कटौती करवा सकेंगे।
हालांकि पीएफ में कंपनी के मौजूदा योगदान में कोई बदलाव नहीं होगा। कंपनी का योगदान 12 प्रतिशत पूर्ववत रहेगा। कंपनी को और कर्मचारी दोनों को बेसिक सैलरी का 12-12 प्रतिशत कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में देना होता है।
सोशल सिक्योरिटी कोड बिल के आने के बाद ग्रेच्युटी के मामले में सुधार की बात कही जा रही है। यदि बिल पास होता है तो 5 साल से कम अवधि तक काम करने वाले कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी की पात्रता रहेगी।
हालांकि कर्मचारियों के लिए यह विकल्प तात्कालिक रूप से फायदा दे सकता है, लेकिन लंबे समय के लिए उसे नुकसान होगा, क्योंकि पीएफ में जमा राशि पर ब्याज बैंक की तुलना में ज्यादा मिलता है और अपना भविष्य सुरक्षित रखने के लिए पीएफ राशि काफी काम आती है।