'आधार' पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, जानिए संपूर्ण जानकारी

बुधवार, 26 सितम्बर 2018 (10:48 IST)
सुप्रीम कोर्ट 'आधार' की अनिवार्यता पर बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाने वाला है। इस वर्ष जनवरी से चल रही 'आधार' मामले की सुनवाई पर शीर्ष अदालत ने 10 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। केंद्र सरकार समेत सभी याचिकाकर्ताओं की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई में 5 जजों की संविधान पीठ इस मामले पर फैसला सुनाएगी। आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर हर भारतीय की जिंदगी पर दिखाई देगा। पेश है आधार से जुड़ी हर जानकारी :


* 28 जनवरी 2009 को योजना आयोग ने UIDAI का नोटिफिकेशन जारी किया।  
* सितंबर 2010 में ग्रामीण महाराष्ट्र में योजना की लांचिंग की गई।
* 2010-11 में नेशनल आईडिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया बिल पेश किया गया। बिल को वित्तीय मामलों की स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा गया। कमेटी ने निजता और संवेदनशील जानकारी पर सवाल उठाए।

कोर्ट में ऐसे पहुंचा मामला :
* 30 नवंबर 2012 को रिटायर्ड जज केएस पुट्टास्वामी समेत कई जनहित याचिकाओं के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस भेजा। 
* 23 सितंबर 2013 को दो जजों की बेंच ने सभी मामलों की सुनवाई का आदेश दिया। 
* 26 नवंबर 2013 को बेंच ने आदेश दिया कि इस मामले में सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश को पार्टी बनाया जाएगा।

संसद में यूं हुआ पास :
* 3 मार्च 2016 को आधार बिल लोकसभा में पेश किया गया। बाद में इसे वित्त विधेयक के रूप में पास कर दिया गया। 
* 10 मई को कांग्रेस नेता जयराम रमेश आधार बिल को वित्त विधेयक के रूप में पास करने को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
* 21 अक्टूबर को एसजी वोमबात्करे ने आधार एक्ट की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

सरकार ने आधार को बनाया अनिवार्यता :
* 31 मार्च को सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 139AA शामिल किया। इसके तहत पैन कार्ड, रिटर्न फाइल करने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया। 
* 1 जून को आधार कार्ड को बैंक में अकाउंट खोलने और 50 हजार से ऊपर के लेनदेन पर अनिवार्य किया गया। 
* 9 जून को दो जजों की पीठ ने आईटी एक्ट 139AA को बरकरार रखा। कोर्ट ने साथ ही कहा कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं, उनका पैन कार्ड कुछ समय के लिए अवैध नहीं माना जाएगा।

कोर्ट ने कहा, निजता से जुड़ा मामला :
* 24 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट में नौ जजों की बेंच ने फैसला दिया कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है। आधार के डेटा को भी इस फैसले से जोड़ा गया।

5 जजों की बेंच ने की सुनवाई :
* 17 जनवरी 2018 को पांच जजों की बेंच ने आधार मामले की सुनवाई शुरू की। 
* 10 मई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर फैसला सुरक्षित रखा।

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