Publish Date: Tue, 28 Nov 2017 (21:15 IST)
Updated Date: Tue, 28 Nov 2017 (21:16 IST)
श्रीनगर। आने वाले समय में सीमा पार से आतंकियों की घुसैपठ बढ़ सकती है। पाक सेना जहां आतंकियों को धकेलने की तैयारी में है, वहीं 14 साल पुराना सीजफायर भी दांव पर है। सेना के बकौल इन आतंकियों को इस ओर धकेलने की खातिर पाक सेना गोलों की बरसात की तैयारी कर रही है उसको इसकी भी परवाह नहीं है कि इस महीने की 26 तारीख को सीमाओं पर 14 साल पूरे करने वाला सीजफायर दांव पर लग सकता है।
सेनाधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के नजदीक लॉन्च पैड्स पर तीन सौ से ज्यादा आतंकी घुसपैठ के इंतजार में हैं। उन्होंने कहा कि लगता नहीं है कि घुसपैठ की संभावना और आतंकियों के इरादों में कोई कमी आई है। हमें लगातार ऐसी जानकारियां मिल रही हैं कि एलओसी के पार लॉन्च पैड्स के पास तीन सौ से ज्यादा आतंकवादी मौजूद हैं और उन पर घुसपैठ करने का खासा दबाव है।
सेनाधिकारियों ने कहा कि सेना के संयुक्त प्रयासों और घुसपैठ को रोकने के लिए हो रहे बहुस्तरीय प्रयासों की वजह से अभी तक आतंकवादियों के मंसूबे सफल नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि हम सब एकसाथ इस बात को दोहरा रहे हैं कि इस बार घुसपैठ के मामलों में कमी आई है और अगले साल तक ऐसी घटनाएं बिलकुल समाप्त हो जाएंगी। ये सब हमारी घुसपैठ विरोधी गतिविधियों की वजह से संभव हुआ है।
सेनाधिकारियों ने आतंकवादियों की गतिविधियों के बारे में यह भी कहा कि उनके सभी प्रयास नाकाम किए जा रहे हैं और वो घुसपैठ में सफल नहीं हो रहे हैं। कई बार वे सिर्फ एलओसी के नजदीक आकर फायरिंग करते हैं और वापस चले जाते हैं।
लेकिन, सेना को डर इस बात का है कि पाक सेना आतंकियों को इस ओर धकेलने की खातिर उस सीजफायर को भी दांव पर लगा सकती है जो इस महीने की 26 तारीख को 14 साल पूरे कर चुका है। डर की वजह यह है कि अक्सर यही देखने में आया है कि पाक सेना आतंकियों को धकेलने की खातिर हमेशा कवरिंग फायर रणनीति को ही अपनाती है।