Publish Date: Wed, 23 Aug 2017 (00:54 IST)
Updated Date: Wed, 23 Aug 2017 (01:11 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को संवैधानिक मूल्यों की जीत करार दिया है, लेकिन नया कानून बनाने की किसी भी जरूरत से इनकार किया है।
प्रसाद ने कहा कि महिलाओं के साथ की जाने वाली घरेलू हिंसा की घटना से निबटने के लिए पर्याप्त कानून मौजूद हैं और अलग से कोई कानून बनाने की जरूरत नहीं है।
प्रसाद की यह टिप्पणी उस वक्त आई जब उनसे पत्रकारों ने पूछा कि क्या सरकार मुख्य न्यायाधीश जे एस केहर की सलाह पर अमल करते हुए नया कानून बनाएगी? उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संरचनात्मक एवं व्यवस्थित तरीके से विचार करेगी।
प्रथमदृष्टया फैसले को पढ़ने से स्पष्ट होता है कि पांच सदस्ईय संविधान पीठ ने बहुमत के फैसले के आधार पर तीन तलाक को असंवैधानिक और अवैध ठहराया है और अल्पमत के फैसले पर अमल करना सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, यह हमारे संवैधानिक मूल्यों की जीत है। मैं इस बारे में प्रधानमंत्री की पहले कही गई उस बात को दोहराना चाहता हूं कि इस मुद्दे को किसी धर्म के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसले में मुस्लिम समुदाय में प्रचलित तलाक-ए-बिदअत की पुरानी प्रथा निरस्त कर दी है। (वार्ता)