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US Presidential Election : डोनाल्ड ट्रम्प या कमला हैरिस, भारत के लिए कौन होगा ज्यादा फायदेमंद?

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

, सोमवार, 22 जुलाई 2024 (15:36 IST)
US Presidential Election 2024: यूएस प्रेसिडेंशियल इलेक्‍शन में जो बाइडेन ने अपनी दावेदारी वापस ले ली है, ऐसे में वे राष्‍ट्रपति की दौड़ से बाहर हो गए हैं। उन्‍होंने भारतीय मूल की कमला हैरिस को अपना समर्थन दिया है। अब कमला हैरिस राष्‍ट्रपति का चुनाव लड़ सकती हैं। बाइडेन के बाहर होने के बाद दूसरी तरफ अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप मजबूत दावेदार हैं। सवाल यह है कि दोनों में से कौन भारत के लिए बेहतर या फायदेमंद साबित होगा।

एक तरफ डोनाल्‍ड ट्रंप को भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के करीब और मित्र माना जाता है तो वहीं कमला हैरिस भारतीय मूल की हैं, उनका भारत के साथ गहरा रिश्‍ता है, ऐसे में वे भारत के साथ अपनी विदेश पॉलिसी को किस तरह से अंजाम देगी ये भी देखने वाली बात होगी। जानते हैं क्‍या है दोनों की पॉलिसी और कौन भारत के लिए बेहतर राष्‍ट्रपति हो सकता है।

ट्रंप-वेस की क्या है पॉलिसी : अगर जेडी वेंस चुनाव जीतते तो वे गृहयुद्ध के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे युवा उपराष्ट्रपति होंगे। उनकी भारतीय मूल की पत्नी के कारण भारत में उनके चुनाव लड़ने ने स्वाभाविक रुचि पैदा की है। उनकी पत्नी का परिवार आंध्र प्रदेश से संबंध रखता है। अब ट्रंप-वेस की नीतियों के संदर्भ में जिक्र करना जरूरी है। इस जोड़ी की नीतियों को लेकरर कुछ चिंताएं हैं। जैसे कि ट्रम्प-वेंस प्रशासन इमिग्रेशन पर बैन लगा सकता है। इसका असर शिक्षा और नौकरी के लिए अमेरिका जाने के इच्छुक भारतीयों पर पड़ सकता है।

भारत और चीन पर US रवैया : वेंस ने पिछले वर्ष एक ऐसे कानून को सह-प्रायोजित किया था, जिसके तहत चीन की सरकार के लिए अमेरिकी पूंजी बाजारों तक पहुंच को रोकने करने की मांग की गई थी। ऐसा चीन के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून का पालन करने में विफल रहने की सूरत में था। भारतीय विदेश नीति प्रतिष्ठान में कई लोगों द्वारा यह सब अच्छी खबर के रूप में माना जाता है। यह उस तरीके से भी मेल खाता है जिस तरह से ट्रम्प ने चीन को अमेरिका के रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश किया था। पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर चीन को एक खतरे के रूप में पहचाना था।

इमिग्रेशन होगा महत्वपूर्ण मुद्दा : इस बात को लेकर भी चर्चा है कि ट्रंप-वेंस एडमिनिस्ट्रेश इमिग्रेशन पर बैन लगा सकता है। इसका संभावित असर शिक्षा और नौकरी के लिए अमेरिका जाने के सपने देखने वाले भारतीयों पर पड़ सकता है। व्यापार के लिए अधिक लेन-देन वाला दृष्टिकोण, जिसमें ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति के अनुरूप भारतीय वस्तुओं और सेवाओं पर शुल्क और टैरिफ शामिल हैं, कुछ परेशानियां पैदा कर सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि वेंस को बातचीत और सुधार के लिए खुला माना जाता है। ट्रंप ने खुद भी अक्सर मुद्दों को सुलझाने के लिए सौदे करने की वकालत की है।

चीन की बढ़ेगी मुश्किल : विदेश नीति पर अपने भाषणों में सीनेटर वेंस ने चीन को एक प्राइमरी रणनीतिक प्रतिस्पर्धी के रूप में बताया है। इसके साथ ही बीजिंग के बढ़ते प्रभाव के लिए अमेरिका से अधिक मुखर प्रतिक्रिया का आह्वान किया है। इस साल की शुरुआत में, उन्होंने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि अमेरिकी विदेश नीति को अगले 40 वर्षों के लिए पूर्वी एशिया पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस सप्ताह एक इंटरव्यू में उन्होंने चीन को अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। वेंस को ट्रम्प की तुलना में एक अधिक प्रखर ट्रेड वॉरियर के रूप में देखा जाता है।

कमला हैरिस का भारत से कनेक्शन : एक रिपोर्ट के मुताबिक, कमला हैरिस की जड़ें भारत के तमिलनाडु से जुड़ी हुई हैं, जहां उनकी मां श्यामला गोपालन का जन्म हुआ था। श्यामला गोपालन टीन एज में बर्कले स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के लिए अमेरिका गई थीं। वहां उनकी मुलाकात डोनाल्ड जे हैरिस से हुई और 1963 में दोनों ने शादी कर ली। उनकी दो बेटियां हुईं- कमला हैरिस और माया। कमला हैरिस का जन्म 1964 में हुआ था।

मोदी और कमला हैरिस कनेक्‍शन : जून 2023 में अमेरिका की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुलकर कमला हैरिस के भारतीय कनेक्शन की बात कही थी। वहीं, कमला हैरिस भी भारत से अपना जुड़ाव गर्व के साथ बताती है। 23 जून 2023 को व्हाइट हाउस की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, उस दौरान राजकीय भोज में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भारतीय संस्कृति, इतिहास और भारत में अपने दादी-दादी के साथ बिताए अनुभव का जिक्र करते हुए कहा था, ''वास्तव में आज मैं जो कुछ भी हूं, यह उसका एक बड़ा हिस्सा है। ये सबक मैंने अपने दादा पीवी गोपालन से और उनकी बेटी, मेरी मां श्यामला के समर्पण, दृढ़ संकल्प और साहस से सीखे हैं और यही कारण है कि मैं आज अमेरिका के उपराष्ट्रपति के रूप में आपके सामने खड़ी हूं।'' उपराष्ट्रपति हैरिस ने अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान का भी जिक्र किया था।

वहीं, हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जब जेडी वेंस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया, तब एक जाने-माने उद्यमी और ट्रंप परिवार के करीबी एआई मेसन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा था कि उषा चिलुकुरी भारतीय संस्कृति और भारत के बारे में सब कुछ जानती हैं और अमेरिका और भारत के बीच अच्छे संबंधों को आगे बढ़ाने में पति जेडी वेंस का बड़ा सहयोग कर सकती हैं।''

जाहिर है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं, ऐसे में अमेरिकी चुनाव 2024 का परिणाम जो भी रहे, अमेरिकी राजनीति की एक प्रमुख शख्सियत भारत से कनेक्शन वाली होगी और उम्मीद की जा सकती है कि वो दोनों देशों के संबंधों को और आगे बढ़ाने में योगदान कर सकेगी।

काल और परिस्‍थिति से होगा तय : हालांकि फिलहाल देखने पर यह लगता है कि ट्रंप और कमला दोनों भारत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन बावजूद इसके स्‍पष्‍ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। राष्‍ट्रपति बनने के बाद जो समय और परिस्‍थिति होगी उस पर बहुत कुछ निर्भर करेगा।   
Edited By: Navin Rangiyal

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