Publish Date: Wed, 02 Apr 2025 (09:31 IST)
Updated Date: Wed, 02 Apr 2025 (09:38 IST)
भारतीय निर्यात पर 8 प्रतिशत डिफरेंशियल टैरिफ, और डॉलर के मुकाबले रुपये में 4 प्रतिशत एक्सचेंज रेट डेप्रिशिएशन के अनुमान के परिणामस्वरूप, करेंसी में उतार-चढ़ाव को एडजस्ट करते हुए, 4 बिलियन डॉलर का शुद्ध निर्यात प्रभाव देखने को मिलेगा। केयरएज रेटिंग्स की नई रिपोर्ट के अनुसार, इससे भारत को प्रत्यक्ष रूप से 3.1 बिलियन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 26,000 करोड़ रुपए हैं।
ट्रंप की जवाबी शुल्क नीति जैसे को तैसा सिद्धांत पर आधारित है। इसका मतलब है कि अमेरिका उन देशों से आयातित वस्तुओं पर वही शुल्क लगाएगा जो ये देश अमेरिकी उत्पादों पर लगाते हैं। इसका भारत के अलावा चीन, यूरोपीय संघ, कनाडा एवं मेक्सिको पर विशेष असर पड़ने की आशंका है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाता है तो जापान चावल पर उससे 500 फीसदी टैक्स वसूलता है। उसने कहा कि अन्य देशों द्वारा लगाए गए उच्च शुल्क ने अमेरिकी उत्पादों का उन देशों में आयात लगभग असंभव बना दिया है।
बहुत बड़ी कटौती करेगा भारत : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों पर 2 अप्रैल से जवाबी सीमा शुल्क लगाए जाने के पहले कहा है कि भारत अपनी शुल्क दरों में बहुत बड़ी कटौती करेगा। ट्रंप कई बार भारत को बहुत ऊंचे शुल्क वाला देश बता चुके हैं। इसी क्रम में उन्होंने भारत के अलावा कुछ अन्य देशों से आयातित उत्पादों पर दो अप्रैल से जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है।
edited by : Nrapendra Gupta
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Wed, 02 Apr 2025 (09:31 IST)
Updated Date: Wed, 02 Apr 2025 (09:38 IST)