Publish Date: Sat, 07 Dec 2019 (01:09 IST)
Updated Date: Sat, 07 Dec 2019 (07:35 IST)
नई दिल्ली। आग के हवाले की गई उन्नाव बलात्कार पीड़िता की शुक्रवार को देर रात यहां सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। गैंगरेप के आरोप में गिरफ्तार 5 लड़कों में से 2 ने उसे जलाकर मारने की कोशिश की थी। युवती 95 फीसदी जल चुकी थी, जिसे गुरुवार को लखनऊ से एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया गया था लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. शलभ कुमार ने बताया कि हमारे बेहतर प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। शाम में उसकी हालत खराब होने लगी। शुक्रवार की रात 11 बजकर 10 मिनट पर उसे दिल का दौरा पड़ा। हमने बचाने की कोशिश की लेकिन रात 11 बजकर 40 मिनट पर उसकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि गुरुवार को जिंदा जलाए जाने के बाद उसे गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उसे हवाई अड्डे से सफदरजंग अस्पताल तक ले जाने के लिए ग्रीन कॉरीडोर बनाया था। उसे लखनऊ से दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया था। उस पर उस वक्त हमला हुआ जब वह अपने मामले की सुनवाई के सिलसिले में अदालत जा रही थी।
उल्लेखनीय है कि दिसम्बर 2018 में उन्नाव की एक युवती के साथ गैंगरेप हुआ था, जिसमें 5 लड़कों को गिरफ्तार किया गया। बाद में जमानत पर छूटे 2 आरोपियों ने युवती को जलाकर मारने की कोशिश की। युवती ने इन दोनों लड़कों की शिनाख्त कर ली थी और उनके नाम भी बताए।
जिंदगी से लड़ाई लड़ने वाली पीड़िता ने गुरुवार को ही अपने भाई से दर्दनाक दास्तां कहते हुए पूछा था 'क्या में बच जाऊंगी, मैं जीना चाहती हूं भैया...।' इस युवती को क्या पता था कि मौत तो उसके दरवाजे पर दस्तक दे चुकी है...। उसने अपने भाई से यह भी कहा 'भैया कुछ भी हो जाए, कोई भी आरोपी बचना नहीं चाहिए।'
यह भी पता चला है कि पीड़िता के चाचा को भी जान से मारने की धमकी दी थी। कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रियंका गांधी वडेरा ने योगी सरकार को पर निशाना साधते हुए कहा कि वह आरोपियों को बचा रही है। प्रियंका ने कहा कि मैं अपनी बहनों से कहती हूं कि पुरुषों से सत्ता छीनिए।
गौरतलब है कि बिहार क्षेत्र के हिंदूनगर भाटनखेड़ा गांव के रहने वाले शिवम और शुभम ने 12 दिसंबर 2018 को इलाके की एक युवती को अगवा कर रायबरेली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में अपने साथियों के साथ गैंगरेप किया था, जिसका मुकदमा रायबरेली जिले के थाना लालगंज में पंजीकृत है और रायबरेली कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है।
दरअसल, आरोपियों ने कोर्ट में सुनवाई के लिए जा रही पीड़िता को रोककर पहले मारपीट की और फिर मिट्टी का तेल डालकर आग के हवाले कर दिया, जब तक पीड़िता अस्पताल पहुंचती तब तक 90 फीसदी जल चुकी थी और उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। गुरुवार को आनन-फानन में लखनऊ से उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था, जहां पर पीड़िता का इलाज चला लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।