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कौन हैं डॉ. वी नागेश्वरन जो अब देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार होंगे

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शनिवार, 29 जनवरी 2022 (18:33 IST)
सरकार ने डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन को मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) नियुक्त किया है। उन्होंने शुक्रवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इस नियुक्ति से पहले, डॉ. नागेश्वरन एक रचनाकार, लेखक, शिक्षक और सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं।

उन्होंने भारत और सिंगापुर के कई बिजनेस स्कूलों और प्रबंधन संस्थानों में पढ़ाया है और आर्थिक विषयों पर उनके विचार बड़े पैमाने पर प्रकाशित हुए हैं।

डॉ. नागेश्वरन की नियुक्ति इस मायने में भी अहम मानी जा रही है कि आर्थिक सर्वे आने से ठीक 3 दिन पहले उनकी नियुक्ति की गई है। उसके एक दिन बाद यानी कि 1 फरवरी को आम बजट (Budget 2022) पेश होगा।

डॉ. नागेश्वरन की नियुक्ति के बारे में वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी और उन्होंने शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से पदभार ग्रहण कर लिया।

डॉ. नागेश्वरन आईएफएमआर ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस के डीन और करा विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के एक सम्मानित विजिटिंग प्रोफेसर रहे हैं।

वे 2019 से लेकर 2021 तक भारत के प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद से प्रबंधन में पीजी डिप्लोमा और एमहर्स्ट स्थित मैसाचुसेट्स विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की है।

देश में मुख्य आर्थिक सलाहकार या CEA का पद लगभग डेढ़ महीने से खाली था जब पूर्व सीईए के. सुब्रमण्यम मध्य दिसंबर में अपना पद छोड़ा था। के. सुब्रमण्यम ने 3 साल अपनी सेवा देने के बाद अकादमिक पोस्ट से जुड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए त्यागपत्र दे दिया था।

नई नियुक्ति में मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद डॉ. नागेश्वरन को दिया गया है। नियुक्ति से पूर्व वे रचनाकार, लेखक, शिक्षक रह चुके हैं। वे कंस्लटेंट के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

उन्होंने भारत और सिंगापुर के के बिजनेस स्कूल और संस्थानों में पढ़ाया है और छात्रों को प्रबंधन के गुर सिखाए हैं। वित्त मंत्रालय के मुताबिक उनके कई पेपर प्रकाशित हुए हैं और आर्थिकी में वे जाने-पहचाने नाम हैं।

डॉ. नागेश्वरन के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वे वित्तीय समावेशन (फाइनेंशियल इन्क्लूजन) पर इंडिकस फाउंडेशन और फाइनेंशियल सिस्टम डिजाइन पर द्वार रिसर्च को भी सलाह देते हैं।

वे टीवीएस कैपिटल और ग्लोबल एलायंस फॉर मास आंत्रप्रेन्योरशिप के सलाहकार बोर्डों में काम करते हैं। उनका कॉर्पोरेट करियर 1994 से 2011 तक 17 वर्षों का है, जहां वे यूनियन बैंक ऑफ स्विटजरलैंड में एक करंसी इकोनॉमिस्ट, एशिया में क्रेडिट सुइस प्राइवेट बैंकिंग में रिसर्च और निवेश कंसल्टिंग के प्रमुख और बैंक जूलियस बेयर में एशिया रिसर्च एंड ग्लोबल चीफ इनवेस्टमेंट हेड रह चुके हैं। वे सुंदरम फास्टनर्स, टीवीएस टायर्स और डेल्फी-टीवीएस के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक भी हैं.

क्या होता है सीईए का पद?
सीईए को सरकार में सेक्रेटरी का पद मिलता है और वह सीधा वित्त मंत्री को रिपोर्ट करता है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने नागेश्वरन, सन्याल, मोनेटरी पॉलिसी कमेटी की पूर्व मेंबर पामी दुआ और नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च की डायरेक्टर जनरल पूनम गुप्ता के नाम की छंटनी की थी। लेकिन डॉ. नागेश्वरन के नाम पर मुहर लगी। कोविड से प्रभावित अर्थव्यवस्था की रिकवरी को देखते हुए डॉ. नागेश्वरन की नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है।

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