Publish Date: Wed, 02 Apr 2025 (15:01 IST)
Updated Date: Wed, 02 Apr 2025 (15:06 IST)
लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को चर्चा और पारित कराने के लिए प्रस्तुत किया गया तो आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने दावा किया कि विधेयक में संसद की संयुक्त समिति के प्रावधान शामिल किए गए हैं जो नियम एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने दावा किया कि समिति ने अधिकार से परे जाकर प्रावधान जोड़े हैं और यह बहुत गंभीर तकनीकी मामला है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार के मंत्रिमंडल ने सबसे पहले इस संबंध में एक विधेयक को मंजूरी दी थी जिसे पूर्व में सदन के सामने रखा गया था। उन्होंने कहा कि विधेयक संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया, जिसके लिए विपक्ष ने भी आग्रह किया था। समिति ने इस पर सुविचारित रूप से अपना मत प्रकट किया। उसके सुझाव के अनुसार विधेयक को फिर से मंत्रिमंडल के सामने भेजा गया।
गृह मंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आपका ही आग्रह था कि जेपीसी बने। समिति को यदि कोई बदलाव ही नहीं करना था तो क्या फायदा। यह कांग्रेस की सरकार के समय जैसी समिति नहीं थी, यह लोकतांत्रिक समिति है जिसने मंथन किया। समिति ने चर्चा करके संशोधन सुझाए।
शाह ने कहा कि कांग्रेस के समय समितियां केवल ठप्पा लगाती थीं। जब परिवर्तन स्वीकार ही नहीं तो समिति का क्या उद्देश्य। (भाषा)
edited by : Nrapendra Gupta