Publish Date: Thu, 26 Jan 2017 (22:40 IST)
Updated Date: Thu, 26 Jan 2017 (22:46 IST)
नई दिल्ली। मौसम ने गुरुवार अचानक करवट बदली और देखते ही देखते कश्मीर, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा मध्यप्रदेश और राजस्थान को अपनी चपेट मे लिया। कश्मीर घाटी भारी हिमपात की वजह से बाकी देश से कटी रही और गुरेज सेक्टर में हिमस्खलन की दो घटनाओं में 10 जवान बर्फ में दफन हो गए। अभी भी भारतीय सेना के चार जवान लापता हैं। गुलमर्ग से लेकर श्रीनगर तक बर्फबारी जारी थी।
हिमाचल प्रदेश में भी जमकर बर्फ गिरने से सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा। गणतंत्र दिवस पर राजधानी भीगी रही तो मध्यप्रदेश के कुछ शहरों में बारिश के साथ ओले भी गिरे...कश्मीर में अगले तीन दिन बर्फबारी होने के साथ ही अगले 12 घंटों में भारी बर्फबार का अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार को दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की चेतावनी दी गई है।
अति खतरनाक हिमस्खलन की चेतावनी जारी : जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों के लिए आज एक बार फिर अति खतरनाक हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई। मौसम विभाग की तरफ से बताया जा रहा है कि कश्मीर घाटी में आने वाले 12 घंटे तक न केवल बर्फबारी होने की संभावना है बल्कि बर्फिला तूफान लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा सकता है। मौसम के बदले मिजाज की वजह से उधर उत्तर भारत के कुछ मैदानी इलाकों में बारिश से ट्रेन और विमान सेवाएं प्रभावित रहीं।
10 रेलगाड़ियों का समय बदला, तीन ट्रेनें रद्द : गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में भारी बारिश हुई और खराब मौसम की वजह से उत्तर की ओर आने वाली 25 ट्रेनें देरी से चल रही थीं, वहीं 10 रेलगाड़ियों का समय बदला गया। तीन ट्रेनों को रद्द भी करना पड़ा। दिल्ली विमानपत्तन की वेबसाइट के मुताबिक खराब मौसम की वजह से विमान परिचालन पर बुरा असर पड़ा है और ज्यादातर उड़ानें समय से संचालित नहीं हो सकीं।
दिल्ली में दिन में हुआ अंधेरा : दिल्ली में आज अधिकतम तापमान गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जो मौसम के औसत तापमान से चार डिग्री सेल्सियस कम है। सुबह से सूरज नहीं निकलने और बादल घिरे रहने से दोपहर के बाद शहर में अंधेरा जैसा छाया रहा। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सफदरजंग ऑब्सर्वेटरी के अनुसार दिल्ली में सुबह 8:30 से शाम 5:30 बजे के बीच 23.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। दिल्ली- एनसीआर में शुक्रवार के दिन भी तेज बारिश की भविष्यवाणी की गई है। गुड़गांव में तो ओले तक गिरे हैं।
बर्फबारी से सैन्य शिविर भी प्रभावित : सेना के एक अधिकारी के मुताबिक कल शाम नियंत्रण रेखा के पास बांदीपुरा जिले के गुरेज सेक्टर में हिमस्खलन की घटना में एक सैन्य शिविर भी प्रभावित हुआ और कई जवान इसमें फंस गए। बचाव अभियान शुरू किया गया और एक जूनियर कमीशंड अधिकारी समेत सात जवानों को बचाया गया। उन्होंने कहा कि आज सुबह तीन जवानों के शव निकाले गए। अधिकारी ने बताया कि बर्फ की चट्टान सरकने की एक और घटना में एक गश्ती दल फंस गया जो कल शाम गुरेज सेक्टर की एक चौकी की ओर जा रहा था।
सात जवानों के शवों को निकाला : बचाव दलों ने अब तक घटनास्थल से सात जवानों के शवों को निकाल लिया है। इस तरह की घटनाओं के बीच श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बंद कर दिया गया और श्रीनगर हवाईअड्डे आने वाली सभी उड़ानों को बर्फबारी के चलते रद्द कर दिया गया। आज भी खराब मौसम की वजह से राजमार्ग खुलने के आसार नहीं नजर आए। रास्ते में कुछ जगहों पर हिमपात की खबरें हैं। यहां पर पिछले आठ दिनों से सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं।
लेह सबसे ठंडा स्थान रहा : इस बीच लद्दाख समेत कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे है और लेह सबसे ठंडा स्थान रहा। लेह में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश में कई जगहों पर सामान्य जनजीवन पर मौसम का असर बना रहा। प्रदेश के ऊंचे इलाकों में भारी हिमपात हुआ, वहीं मध्यम और निचली पहाड़ियों पर भारी बारिश हुई।
पर्वतीय दर्रों पर बर्फ की 60 से 90 सेंटीमीटर तक मोटी परत : किन्नौर, लाहौल-स्पीति, पांगी, रोहतांग, कुंजम और अन्य ऊंचे पर्वतीय दर्रों पर बर्फ की 60 से 90 सेंटीमीटर तक मोटी परत देखी गई। बारिश की वजह से धरती के खिसकने, पेड़ों के गिरने और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की घटनाएं भी सामने आईं। भारी बर्फबारी से मनाली-कुल्लू राजमार्ग पर भी यातायात बाधित रहा।
पंजाब में जोरदार बारिश : पंजाब, हरियाणा और केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी भारी बारिश दर्ज की गई लेकिन दोनों राज्यों के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में सामान्य स्तर से कई डिग्री सेल्यिसय की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पंजाब में मोहाली, रोपड़, नवांशहर, जालंधर, लुधियाना और अमृतसर भी बारिश में भीगते रहे। हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरक्षेत्र, करनाल, पानीपत, रोहतक और जींद में भी वर्षा होती रही।
मध्यप्रदेश में भी जोरदार बारिश के साथ ओले गिरे : मध्यप्रदेश में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा। भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैन नीमच में ओले गिरने के साथ ही तेज बारिश हुई। इन क्षेत्रों से मिली खबरों के अनुसार ओले 50 से 100 ग्राम के थे। बेमौसम की बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गई हैं।
राजस्थान भी बारिश से भीगा : बारिश के असर से राजस्थान भी नहीं बच सका। जयपुर से मिले समाचारों के अनुसार यहां जोरदार बारिश हुई और मौसम में अचानक काफी ठंडक आ गई।
इंदौर में भी बारिश : मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर में भी देर रात बारिश की आमद हो गई। पूर्वी क्षेत्र में अचानक आई बरसात से लोग हतप्रभ हैं। बारिश के कारण ठंड भी बढ़ गई है।