Publish Date: Sat, 30 Nov 2019 (08:00 IST)
Updated Date: Sat, 30 Nov 2019 (00:19 IST)
नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तापमान के बीच भारतीय मौसम विज्ञान (आईएमडी) ने शुक्रवार को पूर्वानुमान जताया कि दिसंबर से फरवरी तक इस साल सर्दियों में मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहेगा। विभाग ने शुक्रवार को जारी सर्दियों संबंधी अपने पूर्वानुमान में कहा, डीजेएफ (दिसंबर, जनवरी, फरवरी) में मौसम का औसत न्यूनतम तापमान भारत के उत्तरी छोर के हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकतर हिस्सों में औसत न्यूनतम तापमान की तुलना में गर्म रहने की संभावना है।
विभाग 2016 से सर्दियों संबंधी पूर्वानुमान हर साल जारी कर रहा है और उसने हर बार मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहने की भविष्यवाणी की है। वर्ष 2018 वैश्विक स्तर पर सबसे गर्म मौसम था। मौसम वैज्ञानिकों ने साथ ही कहा कि दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक कोर शीतलहर क्षेत्रों में सामान्य से अधिक न्यूनतम तापमान की अपेक्षाकृत अधिक संभावना है।
कोर शीत लहर क्षेत्रों में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना के अलावा जम्मू, कश्मीर एवं लद्दाख, मराठवाड़ा, विदर्भ, सौराष्ट्र और मध्य महाराष्ट्र आते हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा कि सर्दियों में मौसम के अपेक्षाकृत गर्म रहने का कारण ग्लोबल वार्मिंग है।
आईएमडी ने पूर्वानुमान लगाया है कि मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के अधिकतर हिस्सों में न्यूनतम तापमान एक प्रतिशत से कम की बढोतरी के साथ सामान्य से अपेक्षाकृत गर्म रहेगा। हालांकि मध्य भारत के कुछ हिस्सों में मौसम का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने का पूर्वानुमान है और प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ उपखंडों में यह सामान्य से गर्म रहने की संभावना है।