Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

Gupt Navratri 2019: इस बार गुप्त नवरात्रि में बन रहे हैं कौन से शुभ संयोग, 9 काम की बातें

webdunia
गुप्त नवरात्रि माघ और आषाढ़ माह में आती है। गुप्त नवरात्रियों का महत्व चैत्र और शारदीय नवरात्रियों से भी अधिक हैं क्योंकि इनमें देवी अपने पूर्ण स्वरूप में विद्यमान रहती हैं जो प्रकट रूप में नहीं होता है। आइए जानें 9 खास बातें : 
1. गुप्त नवरात्रि में आसपास की प्रकृति में हरियाते जीवन में देवी का ही स्वरूप है। अन्न के खेतों में ललहलहाती फसल देवी का ही रूप है। आसमान से बरसती बूंदें भी देवी ही हैं। मुस्कुराते रंगबिरंगे फूलों में देवी का ही सौंदर्य है। 
2. गुप्त नवरात्रियों में देवी शीघ्र प्रसन्न होती हैं, लेकिन इसमें सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण बात यह है कि साधकों को पूर्ण संयम और शुद्धता से देवी आराधना करना होती हैं।
 
3.  इस बार आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि आठ दिनों की है। सप्तमी तिथि का क्षय होने के कारण यह स्थिति बनी है। 3 जुलाई को गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी और 10 जुलाई को भड़ली नवमी के साथ गुप्त नवरात्रि पूर्ण होगी। 
 
4. गुप्त नवरात्रि में इस बार सर्वार्थसिद्धि और रवि योग के साथ ही अत्यंत शुभ माना जाने वाला गुरु-पुष्य संयोग भी बन रहा है। यह संयोग 4 जुलाई को यानी नवरात्रि के दूसरे दिन बनेगा। 
 
5. इसके अलावा विनायक चतुर्थी, कुमार षष्ठी, विवस्वत सप्तमी जैसे पर्व भी आएंगे। इसी नवरात्रि में जगदीश रथयात्रा भी पूर्ण होगी। गुप्त नवरात्रि के आठ दिनों में तीन बार रवियोग और एक बार सर्वार्थसिद्धि योग आएगा।
 
6. गुप्त नवरात्रि में अधिकांश तांत्रिक साधक देवी की आराधना कर अधिक से अधिक लाभ-पुण्य कमाने का प्रयास करते हैं। गुप्त नवरात्रि के दिन तंत्र-मंत्र सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन माने गए हैं। कई साधक इन दिनों में दसों महाविद्याओं की साधना भी करते हैं। इनसे न केवल स्वयं के जीवन की परेशानियों का अंत होता है, बल्कि वे दूसरों की भलाई के काम भी कर सकते हैं। 
 
7. सुखी जीवन के लिए करें देवी आराधना गृहस्थ साधक जो सांसारिक वस्तुएं, भोग-विलास के साधन, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन पाना चाहते हैं उन्हें इन नौ दिनों में दुर्गासप्तशती का पाठ करना चाहिए। 
 
8. यदि इतना समय न हों तो सप्तश्लोकी दुर्गा का प्रतिदिन पाठ करें। देवी को प्रसन्न करने के लिए और साधना की पूर्णता के लिए नौ दिनों में लोभ, क्रोध, मोह, काम-वासना से दूर रहते हुए केवल देवी का ध्यान करना चाहिए। कन्याओं को भोजन कराएं, उन्हें यथाशक्ति दान-दक्षिणा, वस्त्र भेंट करें।
 
9 . गुप्त नवरात्रि के 8 दिनों की प्रमुख तिथियां 3 जुलाई बुधवार- प्रतिपदा- गुप्त नवरात्रि प्रारंभ, देवी साधना प्रारंभ 4 जुलाई गुरुवार- द्वितीया- जगदीश रथयात्रा पूर्ण, गुरु-पुष्य संयोग 5 जुलाई शुक्रवार- तृतीया- रवियोग रात्रि 12.19 बजे तक 6 जुलाई शनिवार- चतुर्थी- विनायक चतुर्थी 7 जुलाई रविवार- पंचमी- सर्वार्थसिद्धि योग, कुमार षष्ठी, बुध वक्री 8 जुलाई सोमवार- षष्ठी- रवियोग, विवस्वत सप्तमी, षष्ठी तिथि प्रातः 7.42 तक ही रहेगी। 9 जुलाई मंगलवार- अष्टमी- दुर्गा अष्टमी, सप्तमी तिथि का क्षय 10 जुलाई बुधवार- नवमी- भड़ली नवमी, नवरात्रि पूर्ण, रवियोग।

webdunia

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

योगिनी एकादशी 2019 : 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर फल मिलता है इस उपवास का, पढ़ें व्रत कथा