Publish Date: Mon, 23 Mar 2026 (14:20 IST)
Updated Date: Mon, 23 Mar 2026 (14:26 IST)
Durga Ashtami 2026: चैत्र या शारदीय नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी को महाअष्टमी कहते हैं। नवरात्रि के आठवें दिन यानी महाअष्टमी को माँ महागौरी की पूजा की जाती है। माँ का यह स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और श्वेत (सफेद) आभा से युक्त है। मान्यता है कि कठोर तपस्या के बाद जब महादेव ने गंगाजल से इन्हें स्नान कराया, तब इनका वर्ण पूर्णतः गोरा हो गया, इसलिए इन्हें 'महागौरी' कहा जाता है। यदि आप इस विशेष तिथि पर माता की असीम कृपा पाना चाहते हैं, तो यहाँ 5 शुभ उपाय जरूर जान लें।
1. प्रिय रंग और वस्त्र
माँ महागौरी पवित्रता और शांति का प्रतीक हैं।
सफेद रंग: माँ को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है। पूजा के समय भक्त को सफेद या गुलाबी रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
वस्त्र अर्पण: यदि संभव हो तो माता को सफेद रंग की रेशमी साड़ी या चुनरी अर्पित करें।
2. विशेष भोग (नैवेद्य)
अष्टमी के दिन माता को नारियल का भोग लगाना सबसे शुभ माना जाता है।
नारियल: नारियल का भोग लगाने से माँ संतान सुख और सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं।
काले चने और हलवा: पारंपरिक रूप से अष्टमी पर कन्या पूजन के समय काले चने, सूजी का हलवा और पूरी का भोग माँ को लगाया जाता है।
3. प्रिय पुष्प
माँ महागौरी को मोगरा, सफेद कमल या चमेली के फूल अर्पित करने चाहिए। इनकी सुगंध से माता अत्यंत प्रसन्न होती हैं और घर में सकारात्मकता आती है।
4. प्रभावशाली मंत्र
पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करने से मन की शुद्धि होती है और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं:
श्वेते वृषे समारुढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
इसका अर्थ है: सफेद वृषभ (बैल) पर सवार, श्वेत वस्त्र धारण करने वाली और महादेव को आनंद देने वाली माँ महागौरी हमारा कल्याण करें।
5. कन्या पूजन (सबसे महत्वपूर्ण)
माँ महागौरी को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम मार्ग कन्या पूजन है। 2 से 10 वर्ष की कन्याओं को माँ का स्वरूप मानकर घर बुलाएं। उनके चरण धोएं, उन्हें भोजन (हलवा-पूरी) कराएं और सामर्थ्य अनुसार भेंट (उपहार) देकर उनका आशीर्वाद लें।
6. ज्योतिषीय लाभ
माँ महागौरी का संबंध राहू ग्रह और शुक्र से माना जाता है। इनकी पूजा करने से कुंडली के राहू दोष शांत होते हैं और दांपत्य जीवन (विवाह) की बाधाएं दूर होती हैं।