भारतीय मूल के छात्र धारुण रवि के मामले में न्यायाधीशों ने कहा कि उसकी ओर से बार-बार अपने साथी की यौन गतिविधियों को छुपकर देखना और इसके बारे में गपशप करने की बातों से वह इस नतीजे पर पहुंचे कि उसने नफरत की वजह से यह गुनाह किया।
रवि को इस मामले में दोषी पाया गया है और इसकी सजा के तौर पर उसे 10 साल जेल की सजा तो मिल ही सकती है। साथ में देश से बाहर भी किया जा सकता है।
सात महिलाओं और पांच पुरुषों की सदस्यता वाली ज्यूरी ने रवि पर लगाए गए 15 आरोपों पर विचार-विमर्श किया। रवि पर धमकाने, निजता में दखल देने और सबूतों से छेड़छाड़ करने सहित 15 आरोप लगाए गए थे।
‘रजर्स यूनिवर्सिटी’ के छात्र रहे 20 साल के रवि को सभी 15 आरोपों में दोषी करार दिया गया। इस घटना से उसे भारत वापस भेजे जाने की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं। (भाषा)