वातायन सम्मान समारोह का समापन
लंदन में प्रसून जोशी और जावेद अख्तर
प्रस्तुति : शिखा वार्ष्णेय, यूके
यूं तो लंदन जून के महीने में गुलाबों की तरह महकता रहता है। हर तरफ गुलाब के फूलों का ऐसा जाल बिछा होता है कि इसे गुलाबों का महीना भी कहा जाता है। लंदन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में जून माह की आखिरी शाम भी कुछ ज्यादा ही महक उठी। वह सभाघर खूबसूरत फूलों की तरह शब्दों की खुशबू से भर गया था। उस शाम नेहरू सेंटर और यूके हिंदी समिति के तत्वाधान एवं बैरोनैस फ्लैदर के संरक्षण से 30 जून को सभाकार में वातायन : पोएट्री ऑन साउथ बैंक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में प्रसिद्ध कवि और लेखक प्रसून जोशी और जावेद अख्तर को वातायन अवार्ड से सम्मानित किया गया। मुख्य मेहमान में शबाना आजमी, लोर्ड देसी, मोनिका कपिल मेहता ने समारोह की शोभा बढ़ाई और फिल्मकार डॉ. संगीता दत्ता ने संचालन की बागड़ोर संभाली। इस सम्मान समारोह के दौरान प्रसून जोशी ने 'धूप के सिक्कों' के साथ अपनी कई कविताओं को दिलकश आवाज में प्रस्तुत किया। जावेद अख्तर साहब ने अपनी गहरी आवाज और मोहक अंदाज में अपनी कविता 'वक्त' और 'शतरंज' जैसी कविताओं से सबका मन मोह लिया। भव्य भोज के साथ इस सितारों भरी खूबसूरत शाम का समापन हुआ।