‘साँवरिया’ और ‘ओम शांति ओम’ के बीच मुकाबला न केवल भारत में बल्कि भारत के बाहर भी था। यूके और यूएसए में भी फिल्म के प्रति लोगों में उत्सुकता थी। शाहरुख के प्रशंसकों के अलावा संजय लीला भंसाली के दीवाने भी कम नहीं थे।
यूके में ‘ओम शांति ओम’ की ओपनिंग शानदार थी, हालांकि यह फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ की ओपनिंग के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाई। ‘ओम शांति ओम’ फिल्म ने तीन दिन में ही कई बड़ी फिल्मों के मुकाबले ज्यादा व्यवसाय किया। ओम के मुकाबले ‘साँवरिया’ के कलेक्शन कम रहे। हालाँकि दो नए कलाकारों की इस फिल्म के कलेक्शन बुरे नहीं है, लेकिन अपेक्षाओं से कम थे।
यूएसए में भी ओम यानी कि शाहरुख छाए रहे। ‘साँवरिया’ को भी यहाँ पसंद किया गया। ‘ओम शांति ओम’ को मिली सफलता ने यह बात एक बार फिर साबित कर दी है कि भारत के बाहर शाहरुख का मुकाबला करने की स्थिति में कोई भी बॉलीवुड का कलाकार नहीं है।