Publish Date: Thu, 21 Sep 2017 (13:58 IST)
Updated Date: Thu, 21 Sep 2017 (16:56 IST)
कोलम्बिया, साउथ कैरोलिना। एक श्वेत प्रभुत्ववादी ने एक फेडरल अपीली कोर्ट से कहा है कि वह अपने अपीली वकीलों को हटाना चाहता है। उसका कहना है कि वह अपने वकीलों को इसलिए हटाना चाहता है क्योंकि उनमें से एक यहूदी और दूसरा भारतीय अमेरिकी, सपना मीरचंदानी है। विदित हो कि उसने एक चर्च में नौ अश्वेत लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
अठारह सितंबर को एक हस्तलिखित अपील में उसने चौथे यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स, रिचमॉंड, वर्जीनिया में डिलन रूफ ने लिखा कि उसके 'वकीलों की पृष्ठभूमि प्रभावशाली अभिव्यक्ति में बाधा' है।
रूफ ने लिखा कि उनकी नस्लों को देखते हुए 'यह लगभग असंभव है कि वे और मैं अपने मामले में एक जैसे हित रख सकें।' उसने यह भी लिखा है कि 'मेरे राजनीतिक विचारों के कारण जोकि विवादास्पद रूप से धार्मिक हैं, यह मेरे लिए असंभव होगा कि उन दोनों कवकीलों पर भरोसा कर सकूं जोकि मेरे राजनीतिक और जैविक दुश्मन हैं।'
तेइस वर्षीय रूफ को संघीय कोर्ट ने इस वर्ष की शुरुआत में मौत की सजा सुनाई है। इससे पहले एक ज्यूरी ने उस पर दर्जनों आरोप लगाकर दंडित किया जिनमें से एक आरोप फेडरल हेट क्राइम्स का है। दूसरा गंभीर आरोप है कि उसने चार्ल्सटन के एमैन्युअल अफ्रीकी बाइबल स्टडी में भाग लेने वालों की हत्या की। यह दक्षिण का सबसे पुराने अश्वेत चर्चों में से एक है।
रूफ ने अधिकारियों से कहा कि वह जून 2015 के हत्याकांड से प्रजातीय युद्ध शुरू करना चाहता था। वह एक हस्तलिखित पत्रिका भी निकालना चाहता था जोकि नाजी विचारों की समर्थक हो। उसने मुकदमे के दौरान बताया कि वह अपनी जैविक श्रेष्ठता में विश्वास करता है।
रूफ के मुकदमे का एक प्रमुख मुद्दा यह भी था कि वह अपने बचाव के वकीलों के स्थान खुद अपनी बात रखना चाहता है। एक जज ने उससे बातचीत कर निष्कर्ष निकाला कि वह अपना बचाव करने में सक्षम है लेकिन सजा सुनाए जाने के दौरान उसके बचाव में कार्यवाहक वकीलों की भूमिका निभा सकती है। उसने अपने पहले के यहूदी वकील को भी अपने लिए हानिकारक बताया था।