न्यूयॉर्क। फ्लोरिडा की एक वित्तीय कंपनी के भारतीय मूल के अमेरिकी सीईओ पर फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों की मदद से एक निवेश कंपनी को करीब 17.9 करोड़ डॉलर के झूठे ऋण बेचने का आरोप लगाया गया है।
ऑरलैंडा की कंपनी फर्स्ट फॉर्मर्स फाइनेंशियल के सीईओ एवं अध्यक्ष निकेश पटेल ने संघीय अदालत में सुनवाई के दौरान खुद को बेकसूर बताया। 32 वर्षीय निकेश पर आरोप है कि उसने फर्जी हस्तक्षर किए और झूठे दस्तावेज पेश किए ताकि ऐसा लगे कि फ्लोरिडा और जॉर्जिया में उधार लेने वालों को सरकार समर्थित करीब 26 ऋण दिए गए हैं।
अभियोग के अनुसार इन झूठे ऋणों में राशि 25 लाख डॉलर से लेकर 1 करोड़ डॉलर तक थी और पटेल ने 17.9 करोड़ डॉलर में इन ऋणों को मिलवाउकी की एक निवेश कंपनी को बेच डाला।
फ्लोरिडा निवासी पटेल पर जालसाजी के 5 आरोप लगाए गए हैं। प्रत्येक आरोप के साबित होने पर उसे 20 साल की सजा और 2,50,000 डॉलर के जुर्माने की सजा हो सकती है। (भाषा)