Publish Date: Tue, 17 Nov 2015 (23:13 IST)
Updated Date: Tue, 17 Nov 2015 (23:16 IST)
लंदन। लंदन के मेयर बोरिस जॉनसन ने भारतीय छात्रों के लिए नए राष्ट्रमंडल कामकाजी वीजा का प्रस्ताव रखा है जिससे उन्हें ब्रिटेन के किसी विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद दो साल तक काम करने की अनुमति होगी। उन्हें उम्मीद है कि इससे ब्रिटेन में पढ़ाई के लिए आने वाले विदेश छात्रों की संख्या में तेजी से आ रही गिरावट का समाधान होगा।
ब्रिटेन सरकार को भेजे प्रस्ताव के तहत दो साल का नया राष्ट्रमंडल कामकाजी वीजा भारत के साथ शुरू होगा और सफलता मिलने पर राष्ट्रमंडल के दूसरे देशों के साथ इसे लागू किया जाएगा।
जॉनसन ने कहा, लंदन निर्विवाद रूप से दुनिया की शिक्षा राजधानी है, जहां दुनियाभर में किसी भी शहर से ज्यादा शीर्ष विश्वविद्यालय हैं। हालांकि विदेशी छात्रों पर मौजूदा पाबंदियां होनहार भारतीय प्रतिभाओं को राजधानी में पढ़ाई करने के लिए आने से रोक रहीं हैं और भारतीय प्रतिभाओं को खोना तथा भविष्य के वैश्विक नेताओं को ऑस्ट्रेलिया तथा अमेरिका जैसे देशों में जाने देना हमारे लिए चिंता की बात है।
उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि हम लंदन के विश्वविद्यालयों और सरकार के साथ मिलकर इस पर ध्यान देने की दिशा में काम कर सकते हैं और सुनिश्चित कर सकते हैं कि राजधानी अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए सबसे प्रमुख गंतव्य बनी रहे। लंदन में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों में तीसरी सर्वाधिक संख्या भारत के छात्रों की है। इससे पहले चीन और अमेरिका का नंबर आता है। (भाषा)