Publish Date: Tue, 08 Mar 2016 (16:34 IST)
Updated Date: Tue, 08 Mar 2016 (16:59 IST)
न्यूयॉर्क। भारतीय मूल के 69 वर्षीय एक डॉक्टर को बुजुर्ग मरीजों को शिकागो स्थित वित्तीय रूप से संघषर्रत अस्पताल में रेफर करने के बदले में अवैध ढंग से लाभ प्राप्त करने का दोषी ठहराया गया है।
इलिनोइस निवासी वेंकैटेश्वर कुचिपुड़ी ऐसे पांचवे डॉक्टर और 10वें प्रतिवादी हैं, जिन्हें अब बंद किए जा चुके सैकरेड हार्ट अस्पताल में मेडिकेयर एंड मेडिकेड की धोखाधड़ी वाली योजना में संलिप्त होने का दोषी करार दिया गया है।
वेंकैटेश्वर को कुल 10 आरोपों पर चली पांच सप्ताह की सुनवाई के बाद दोषी ठहराया गया। उन पर एक आरोप अमेरिका के साथ धोखाधड़ी की साजिश करने का था और अन्य नौ आरोप संघीय स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम के तहत मरीजों को रेफर करने के बदले अवैध ढंग से लाभ प्राप्त करने के थे।
हर आरोप पर अधिकतम पांच साल की कैद और 2.5 लाख डॉलर का जुर्माना है।
अमेरिकी जिला जज मैथ्यू कैनेले ने इस मामले में फैसला जून में सुनाना है।
वर्ष 2001 से अप्रैल 2013 तक, अस्पताल के अधिकारियों ने डॉक्टरों को लुभाने के लिए रिश्वत और अन्य लाभ देने की साजिश रची ताकि वे मरीजों को इनके अस्पताल में रेफर कर दें। इन सेवाओं का भुगतान संघीय बीमा कार्यक्रम मेडिकेयर एंड मेडिकेड के तहत होता है। इस योजना के चलते मेडिकेयर एंड मेडिकेड से भुगतान के रूप में वित्तीय रूप से खस्ताहाल इस अस्पताल को लाखों डॉलर मिल गए।
वेंकैटेश्वर की सुनवाई में मिले साक्ष्यों के अनुसार, वह अस्पताल को मरीज उपलब्ध करवाने वाले बड़े स्रोतों में से एक थे।
इन रेफरल के बदले में अस्पताल वेंकैटेश्वर को चिकित्सीय सहायकों और नर्सों का मुफ्त श्रम उपलब्ध करवाता था।
अस्पताल ने वेंकैटेश्वर को इन चिकित्सीय सहायकों और नर्सों से जुड़े बिल मेडिकेयर एंड मेडिकेड को देने की भी अनुमति दे रखी थी। इससे ऐसा संदेश जाता था मानो इन्हें वेंकैटेश्वर ने खुद ही नियुक्त किया हुआ हो। (भाषा)