Publish Date: Fri, 25 Nov 2016 (12:41 IST)
Updated Date: Fri, 25 Nov 2016 (12:48 IST)
ऐसे भारतीय जो वर्षों पहले भारत छोड़कर विदेश में जा बसे हैं, उन्हें भारत के निजी स्कूलों की फीस जानकार हैरत होती है। बीते कुछ सालों में भारत के निजी स्कूलों में फीस कई गुना बढ़ गई है।
हालांकि विदेशों में भी बच्चों की स्कूल फीस बहुत अधिक है। इसके अलावा एनआरआई को बच्चों की फीस में कुछ अतिरिक्त शुल्क भी चुकाने होते हैं, जो स्कूल उनसे बतौर विदेशी नागरिक लेता है। इसके बावजूद एनआरआई भारत में निजी स्कूलों की साल दर साल बढ़ती फीस पर आश्चर्य व्यक्त करते हैं।
एनआरआई के भारत के CBSE, ICSE, IB के निजी स्कूलों की फीस जानकर हैरान इसलिए भी हैं कि कुछ वर्षों पहले जब उन्होंने भारत छोड़ा था, तब इन स्कूलों की फीस एक निश्चित दायरे में ही थी।
एनआरआई अक्सर भारत में स्कूल फीस स्ट्रक्चर के बारे में जानकारी लेते रहते हैं, क्योंकि इनमें से कुछ लोगों की योजना भारत में आकर बसने की होती है तो कुछ अपने बच्चों के लिए अपेक्षाकृत सस्ती शिक्षा चाहते हैं।
बहुत से एनआरआई भारत लौटने की अपनी योजना के तहत भारत के स्कूलों की फीस, शिक्षा प्रणाली और अन्य सुविधाओं के बारे में लगातार जानकारी ले रहे हैं।