Publish Date: Sat, 24 Jun 2017 (12:38 IST)
Updated Date: Sat, 24 Jun 2017 (12:41 IST)
ओन्टारिओ। कनाडा में एक महिला अपने बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल लाई। अपने बच्चे का इलाज करने वाले डॉक्टर को लेकर इस महिला ने एक शर्त रखी। उसे केवल श्वेत मूल का ही डॉक्टर चाहिए था। महिला ने कहा कि उसे श्वेत मूल के अलावा किसी भी डॉक्टर से अपने बच्चे का इलाज नहीं कराना है।
ओन्टारिओ शहर के मिसिसोगा एक क्लिनिक में महिला ने वहां मौजूद कर्मचारी से कहा कि क्या मुझे ऐसा डॉक्टर मिल सकता है, जो कि श्वेत मूल का हो, उसके भूरे रंग के दांत न हों और जो अंग्रेजी बोलता हो। अस्पताल के कर्मचारी ने कहा कि वह तत्काल किसी गोरे डॉक्टर को नहीं बुला सकता है।
उसका जवाब सुनकर यह महिला नाराज हो गई और उसने गुस्से में कहा कि क्या इस पूरे क्लिनिक में एक भी गोरा डॉक्टर नहीं है? इस देश में श्वेत नस्ल का होने के कारण तो मुझे खुद को गोली मार लेनी चाहिए। मेरा बेटा गोरी नस्ल का है, तो क्या हमें कम से कम कोई ऐसा डॉक्टर मिल सकता है, जो अंग्रेजी बोलता हो?
'हफपोस्ट कनाडा' में छपी एक खबर के मुताबिक इस पूरी घटना को वहां मौजूद एक भारतीय मूल के शख्स हितेश भारद्वाज ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। इस घटना की कनाडा में जमकर आलोचना हो रही है। वीडियो में क्लिनिक के कर्मचारी महिला के साथ तमीज से पेश आ रहे हैं, लेकिन कुछ समय बाद वहां आसपास मौजूद लोग परेशान होते नजर आ रहे हैं। कई लोगों ने तो उस महिला ये यह भी कह दिया कि अगर उसे डॉक्टरों की त्वचा के रंग से परेशानी है, तो वह किसी और क्लिनिक में जा सकती है।
उस महिला की बातों से नाराज होकर वहां मौजूद एक दूसरी महिला ने उससे कहा कि तुम उसकी मां हो, इस बात से तुम्हारे बच्चे को ज्यादा परेशानी होती होगी। तुम बेहद बदतमीज और नस्लवादी हो, लेकिन वह महिला सब पर नाराज होती रही। वह चीखते हुए कह रही थी कि तुम अश्वेत हो। मेरे गोरे नस्ल का होने के कारण तुम सब मिलकर मुझे निशाना बना रहे हो।
हितेश ने इस घटना के बारे में बात करते हुए कनाडा के ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन से कहा कि मैं वीडियो बनाने से खुद को रोक नहीं पाया। यह बहुत बुरा है। यह इतनी गलत सोच है कि लोगों को इसके बारे में जानना चाहिए। मैं खुद को इस घटना के बारे में सोचने से रोक नहीं पा रहा हूं। पूरी घटना बार-बार मेरे दिमाग में घूम रही है, मैं बहुत उदास हो गया था। मुझे उस महिला की बातें इतनी बुरी लगीं कि मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूं।
ओन्टारिओ की प्रीमियर ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे परेशान करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इस वाकये के सामने आने के बाद कनाडा के लोगों की नस्लीय सहिष्णुता पर सवाल खड़ा हो गया है। ओन्टारिओ मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष नादिया आलम ने बताया कि वीडियो में उस महिला ने जो कहा, वैसी सोच यहां आम है।
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Publish Date: Sat, 24 Jun 2017 (12:38 IST)
Updated Date: Sat, 24 Jun 2017 (12:41 IST)