Publish Date: Sat, 07 Oct 2017 (14:58 IST)
Updated Date: Sat, 07 Oct 2017 (15:06 IST)
कैलिफोर्निया। भारतीय अमेरिकी अरबपति और सन माइक्रोसिस्टम्स के सह-संस्थापक विनोद खोसला ने 4 अक्टूबर को कैलिफोर्निया के हाफ मून बे समुद्रतट तक लोगों की पहुंच के लिए फिर से खोल दी है।
सैन फ्रांसिस्को क्रोनिकल में दी गई एक खबर के अनुसार समुद्रतट लोगों को फिर से खोलने का आदेश दो दिन पहले दिया गया था। खोसला द्वारा मार्टिन्स बीच को सार्वजनिक उपयोग के लिए खोलने को सर्फर्स की जीत मानी जा रही है। लेकिन वकीलों का कहना है कि इस मामले में और भी बहुत कुछ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गैर-लाभकारी संगठन सर्फफ्राइडर फाउंडेशन के प्रमुख वकील जोसेफ कोशेट ने कहा कि ' मैं सोचता हूं कि यह आदमी अपने आचरण से पहले ही इतना शर्मिंदा था कि कोई उससे कहे कि ' दरवाजा खोल दो, और प्रवेश की सीमा का निधार्रण कोर्ट करने दो।'
विदित हो कि फाउंडेशन ने खोसला पर 2013 में मुकदमा दायर किया था और अपना तर्क रखा था कि
समुद्र का किनारा लोगों के लिए खुला रहे क्योंकि कम से कम 1918 तक यह लोगों के लिए खुला था।
कोशेट ने दो अक्टूबर को फर्स्ट डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ऑफ अपील, सैन फ्रांसिस्को में अर्जी लगाई थी और कहा
था कि बिना किसी परमिट के वे लोगों की सार्वजनिक पहुंच पर रोक लगाने का अधिकार नहीं रखते हैं।
क्रॉनिकल ने लिखा है कि गेट न खोलने पर उन पर प्रतिदिन अर्थदंड लगाया जा सकता है।
खोसला के वकीलों ने अगस्त में कहा कि ' राज्य सरकार निजी सम्पत्ति पर लोगों के बुनियादी अधिकारों' को समाप्त नहीं कर सकती है। उम्मीद की जाती है कि मामला फिर से अपीली कोर्ट में जाएगा। दोनों पक्षों के बीच विवाद का कारण एक छोटी सड़क है जोकि समुद्रतट तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। यह मछलीमारों, सर्फर्स और पिकनिक करने वालों के बीच वर्षों से लोकप्रिय है। वर्ष 2008 में समुद्र तट को खोसला को 370 लाख डॉलर में बेचा था।
तब खोसला ने डॉलर 5 और 10 रुपए का पार्किंग फी तय कर दी थी। बेचे जाने के दो साल बाद तक लोगों की समुद्रतट पर पहुंच बरकरार रही। बाद में खोसला ने गेट पर ताला लगा दिया और सिक्यूरिटी गार्ड्स की तैनाती कर दी। इस पर 2013 में 89 एकड़ की प्रॉपटी की होल्डिंग कंपनी मार्टिन्स बीच एलएलसी के खिलाफ सरफ्राइडर फाउंडेशन और फ्रेंड्स ऑफ मार्टिन्स बीच ने मुकदमा शुरू कर दिया।
तट तक पहुंचने की सड़क को भी खरीदने के लिए खोसला ने राज्य सरकार से तीन करोड़ डॉलर मांगे। लेकिन राज्य सरकार और गवर्नर जेरी ब्राउन सड़क पर कब्जा करने का कोई तरीका निकालेंगे।