Publish Date: Fri, 10 Aug 2012 (22:39 IST)Updated Date: Fri, 10 Aug 2012 (22:38 IST)
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लंदन ओलिंपिक के लिए सरकार ने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर करीब एक अरब 42 करोड़ रुपए खर्च किए लेकिन देश को अभी तक एक भी स्वर्ण पदक नहीं मिल पाया है। इन खेलों के 13वें दिन तक भारत को एक रजत तथा तीन कांस्य सहित कुल 4 पदक मिले हैं।
खेल मंत्री अजय माकन ने राज्यसभा में शुक्रवार को डॉ. प्रभाकर कोटे के एक लिखित प्रश्न के जवाब में कहा कि सरकार ने लंदन ओलिंपिक में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर कुल 142.43 करोड़ रुपए खर्च किए। लंदन ओलिंपिक में भारत का रिकॉर्ड 81 सदस्यीय दल उतरा जिनमें से पिस्टल निशानेबाज विजय कुमार ने रजत, राइफल निशानेबाज गगन नारंग ने कांस्य, बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने कांस्य और महिला मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने कांस्य पदक जीता।
माकन ने बताया कि ऑपरेशन एक्सीलेंस फॉर लंदन ओलिंपिक्स 2012 योजना के तहत खिलाड़ियों तथा एथलीटों के लिए देश में प्रशिक्षण शिविरों पर 61 करोड़ 65 लाख रुपए तथा विदेशों में प्रशिक्षण पर 70 करोड़ 55 लाख रुपए खर्च किए गए। इसके अलावा राष्ट्रीय खेल विकास निधि के तहत 10 करोड़ 32 लाख रुपए भी खर्च किए गए।
भारत ने ओलिंपिक में 13 खेलों में अपनी चुनौती पेश की है जिनमें से उसे अब तक निशानेबाजी, मुक्केबाजी और बैडमिंटन में पदक मिले हैं। भारत तीरंदाजी, टेनिस, टेबल टेनिस, जूडो, रोइंग, हॉकी, तैराकी और भारोत्तोलन में खाली हाथ रहा। (वार्ता)