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तीसरे मंगला गौरी व्रत का क्या है महत्व और 3 अचूक उपाय

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Mangala Gauri Vrat Ke Upay
How to do the third Mangala Gauri Vrat: सावन मास में आने वाले प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है, जो अखंड सौभाग्य, सुख और समृद्धि के लिए बहुत ही फलदायी माना जाता है। इस वर्ष सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत 29 जुलाई, 2025 को है।ALSO READ: श्री शिव मंगला अष्टक | sri shiva mangalashtakam
 
मंगला गौरी व्रत का महत्व: मंगला गौरी व्रत माता पार्वती के मंगलकारी स्वरूप को समर्पित है। इस व्रत को रखने से विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और उनके पति की आयु लंबी होती है। यह व्रत वैवाहिक जीवन में प्रेम, सुख और शांति बनाए रखने के लिए विशेष रूप से किया जाता है। अविवाहित कन्याएं यह व्रत मनचाहा वर पाने के लिए करती हैं। 
 
तीसरे मंगला गौरी व्रत के 3 अचूक उपाय
 
1. सोलह श्रृंगार सामग्री और आटे का दीपक: तृतीय मंगला गौरी व्रत के दिन माता मंगला गौरी की पूजा में 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। इसके साथ ही, आटे से 16 बत्तियों वाला एक दीपक बनाकर उसमें घी डालकर जलाएं। यह उपाय पति-पत्नी के बीच प्रेम और रिश्ते को मजबूत बनाता है।
 
2. मंगल दोष का निवारण: यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है, तो इस दिन मां पार्वती की पूजा के बाद हनुमान जी की भी आराधना करें और सुंदरकांड का पाठ करें। यह उपाय मंगल दोष के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में सहायक है।
 
3. संतान प्राप्ति के लिए: संतान सुख की कामना रखने वाली महिलाएं मंगला गौरी व्रत के दिन माता पार्वती को 16 लड्डू अर्पित करें। इसके बाद पूजा के दौरान मंगला गौरी व्रत की कथा सुनें। इससे व्रत पूर्ण फलदायक माना जाता है। माना जाता है कि इस उपाय से मां पार्वती की कृपा से जल्द ही संतान सुख की प्राप्ति होती है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Hindi Panchang Calendar: साप्ताहिक पंचांग मुहूर्त 28 जुलाई से 03 अगस्त 2025, जानें नए हफ्ते के तीज-त्योहार
 

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