Publish Date: Thu, 12 Sep 2024 (09:50 IST)
Updated Date: Thu, 12 Sep 2024 (10:12 IST)
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श्री चंद्र नवमी पर पढ़ें ये खास 10 मंत्र।
श्रीचंद्र नवमी के बारे में जानें।
Chandra Navami 2024: प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को श्री चंद्र नवमी के रूप में मनाया जाता है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2024 में 12 सितंबर, दिन गुरुवार को चंद्र नवमी मनाई जा रही है। चंद्र नवमी के अलावा कुछ खास तिथियों पर जैसे पूर्णिमा, सोमवार के तथा अन्य कुछ खास दिनों पर भोलेनाथ के साथ चंद्र देव का पूजन तथा चंद्र मंत्रों का जाप करने का विशेष महत्व है। अत: सुंदर-सलोने चंद्रमा को देवताओं के समान ही पूजनीय माना गया है।
आपको बता दें कि उत्तर भारत में अपनाए जाने वाले पारंपरिक हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद महीने यानि भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष नवमी तिथि पर चंद्रमा के बढ़ते/ प्रकाश चरण के दौरान नौवें दिन श्री चंद नवमी मनाई जाती है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सौम्य तथा शीतल कहे जाने वाले चंद्रमा को प्रत्यक्ष भगवान माना जाता है। वे शिव जी के मस्तक पर विराजमान है। और इनकी आराधना से वे प्रसन्न होकर शुभाशीष तथा मन में शांति, प्रेम, प्रगति और प्रसन्नता का वरदान भी देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी जातक की कुंडली में चंद्र दोष हो तो चंद्र मंत्रों का जाप करके उसे दूर किया जा सकता है। आइए यहां पढ़ें चंद्र देव के 10 खास मंत्र :
चंद्रदेव के मंत्र-Chandra ke Mantra
• ॐ श्रीं श्रौं चन्द्रमसे नम:।
• ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।
• ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्राय नम:।
• ॐ सों सोमाय नम:।
• ॐ श्रां श्रीं श्रौं चन्द्रमसे नम:।
• ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।।
• दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णव सम्भवम। नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुट भूषणं ।।
• ॐ भूर्भुव: स्व: अमृतांगाय विदमहे कलारूपाय धीमहि तन्नो सोमो प्रचोदयात्।
• श्वेत: श्वेताम्बरधर: श्वेताश्व: श्वेतवाहन:। गदापाणि द्विर्बाहुश्च कर्तव्यो: वरद: शशि:।।
• ॐ इमं देवा असपत्नं ग्वं सुवध्यं। महते क्षत्राय महते ज्यैश्ठाय महते जानराज्यायेन्दस्येन्द्रियाय इमममुध्य पुत्रममुध्यै पुत्रमस्यै विश वोsमी राज: सोमोsस्माकं ब्राह्माणाना ग्वं राजा।
उत्तर भारत में श्रीचंद्र नवमी व्रत : एक अन्य मान्यता के अनुसार श्रीचंद्र नवमी व्रत उदासीन संप्रदाय के संस्थापक श्री चंद/ श्री चंद्र जी को समर्पित माना जाता है, जो कि मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। वे महान विचारक, दार्शनिक और नेता थे तथा सन् 1494 से 1643 ई. की अवधि के दौरान श्री चंद्र जी पृथ्वी पर रहे थे। अत: उत्तर भारत में मनाया जाने वाला श्रीचंद्र नवमी व्रत की तिथि 12 सितंबर 2024 है।
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